जयपुर। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना में प्रदेश के 8 शहरों में 1150 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाना है। इसके संचालन हेतु गठित राज्य स्तरीय संचालन समिति की द्वितीय बैठक मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में गुरुवार को शासन सचिवालय में आयोजित की गई। बैठक में योजना के तहत राज्य के पात्र शहरों में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, विभिन्न वित्तीय अनुमोदन तथा संबंधित विभागों के मध्य समन्वय से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में राज्य के विभिन्न शहरों में इलेक्ट्रिक बसों के लिए डिपो अवसंरचना के विकास, चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना तथा ‘बिहाइंड द मीटर पावर इंफ्रास्ट्रक्चर’ के विकास संबंधी कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को योजना से जुड़े कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राज्य के 8 शहरों को 1150 ई—बस आवंटित हुई हैं। जयपुर में 450, जोधपुर और बीकानेर में 125—125, अजमेर, अलवर और कोटा में 100—100, उदयपुर सीकर और भीलवाड़ा में 50—50 ई—बस संचालित की जानी हैं। बसों का ट्रायल हो चुका है, चार्जिंग स्टेशन समेत अन्य सुविधाओं का विकास तेज गति से किया जा रहा है। समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत राजस्थान के आठ पात्र शहरों को प्राप्त होने वाली वित्तीय स्वीकृतियों एवं सहायता के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक बस संचालन की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न शहरों में स्थित वर्तमान बस डिपो के नवीनीकरण एवं उन्नयन संबंधी प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई। राज्य को 1150 ई—बस आवंटित हुई हैं। जयपुर में 450, जोधपुर और बीकानेर में 125—125, अजमेर, अलवर और कोटा में 100—100, उदयपुर सीकर और भीलवाड़ा में 50—50 ई—बस संचालित की जानी हैं। बैठक में परिवहन विभाग, वित्त विभाग, स्वायत्त शासन विभाग, ऊर्जा विभाग तथा जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (जेसीटीएसएल) के वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को समन्वित प्रयासों के माध्यम से योजना का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि राज्य के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ, हरित एवं टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके। नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन ने कहा कि विभाग द्वारा योजना की प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में 1150 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाना है।

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय संचालन समिति की द्वितीय बैठक आयोजित
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