जयपुर। माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोरा ने कहा है कि राज्य में प्री-एम्बेडेड मिनरल ब्लॉकों के ऑक्शन पर फोकस किया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से फील्ड में प्रोएक्टिव रोल निभाते हुए मिनरल ब्लॉकों व प्लॉटों की तैयारी से लेकर मिनरल गतिविधियों को और अधिक गतिशील बनाते हुए खनन क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार, रोजगार और राज्य के राजस्व वृद्धि में सक्रिय भागीदारी निभाने की आवश्यकता प्रतिपादित की है। उन्होंने बंद खानों में खनन कार्य वापस शुरु कराने के दिए निर्देश। एसीएस माइंस अपर्णा अरोरा मंगलवार को सचिवालय में मंथन कक्ष में खान एवं भूविज्ञान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि राजस्थान द्वारा गत वित्तीय वर्ष में 8 प्री-एम्बेडेड मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी के साथ समूचे देश में अग्रणी कदम उठाया है। इस साल प्री-एम्बेडेड के मेजर मिनरल के 10 ब्लॉकों और करीब 100 माइनर मिनरल प्लॉट तैयार कर ऑक्शन की कार्ययोजना तैयार की गई है। प्री-एम्बेडेड मिनरल ब्लॉकों व प्लॉटों में आवश्यक अनुमतियां पहले से ही प्राप्त कर ऑक्शन किये जाते हैं जिससे ऑक्शन के बाद जल्दी ही ऐसे ब्लॉकों में खनन कार्य आरंभ हो सके। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही विभाग ने मेजर और मिनरल ब्लॉकों व प्लॉटों के ऑक्शन के मासिक रोडमैप को अंतिम रुप दे दिया गया है। यह पहला अवसर है जब रोडमैप का क्रियान्वयन करते हुए अप्रेल माह में ही 9 मिनरल ब्लॉकों का ऑक्शन किया गया है। अपर्णा अरोरा ने अधीक्षण खनिज अभियंताओं को राज्य में बंद खानों में खनन कार्य शुरु कराने पर जोर दिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित लीज धारकों से समन्वय बनाते हुए खनन कार्य शुरु कराने में आ रही बाधाओं का निराकरण कराएं। उन्होंने फील्ड स्तर पर पेडिंग एग्रीमेंट को एक माह में पूरा कराने, पर्यावरण अनुमति प्राप्त खानों में आवश्यक औपचारिकता पूरी कराकर 15 दिवस से एक माह में खनन कार्य शुरु कराने के निर्देश दिए। एसीएस माइंस ने खान एवं भूविज्ञान विभाग के मानव संसाधन से संबंधित वरिष्ठता सूची, पदोन्नति समिति की बैठकों, पेंडिंग जांचों, विधानसभा प्रश्नों के उत्तर भिजवाने सहित महत्वपूर्ण कार्यों के समयवद्ध निस्तारण के भी निर्देश दिए। विशिष्ट सचिव माइंस नम्रता व्रष्णि ने लीज धारकों द्वारा जारी रवन्नाओं व अन्य गतिविधियों की मोनेटरिंग पर बल दिया ताकि राजस्व में छीजत को रोका जा सके। संयुक्त सचिव अरविन्द सारस्वत ने बताया कि खान एवं भूविज्ञान के पदोन्नति की आवश्यक तैयारियां एक माह में पूरी कर ली जाएगी। निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा ने विश्वास दिलाया कि विभागीय मोनेटरिंग व्यवस्था को और अधिक चाक चोबंद किया जाएगा।

प्री-एम्बेडेड मिनरल ब्लॉक ऑक्शन पर रहेगा फोकस, जरुरी अनुमतियां पूर्व प्राप्ति से ऑक्शन के बाद जल्द शुरु होगा खनन कार्य-एसीएस माइंस
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