जयपुर। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम की 1500 मेगावाट क्षमता की सूरतगढ़ सुपर तापीय परियोजना (6×250 मेगावाट) एवं 1000 मेगावाट क्षमता की छबड़ा सुपर तापीय परियोजना (4×250 मेगावाट) में लगातार बिना डेमरेज के कोल रैक को खाली करने का कीर्तिमान स्थापित किया है। सूरतगढ़ थर्मल विद्युतगृह (1500 मेगावाट) में 4 सितम्बर 2025 से 23 मई 2026 तक 750 से भी अधिक कोल रैक बिना डेमरेज खाली की गई। डेमरेज चार्ज शून्य होने से कोयले की कीमत कम रहती है, जिससे उपभोक्ताओं को सस्ती विद्युत उपलब्धता में सहायता मिलती है। इसी तरह छबड़ा थर्मल विद्युतगृह (1000 मेगावाट) में भी 2 नवम्बर 2025 से आज तक 521 कोल रैक बिना डेमरेज खाली की गई है। विद्युतगृृहों में कोल हैंडलिंग सिस्टम की मशीनों के बेहतर रखरखाव एवं संचालन तथा कर्मचारियों के अथक प्रयास से कोल रैक को अविलम्ब अनलोडिंग करने से यह सम्भव हो पाया है। इससे पूर्व उत्पादन निगम के सूरतगढ़ थर्मल विद्युतगृह द्वारा बिना डेमरेज अधिकतम 485 कोल रैक 27 फरवरी 2025 से 27 जुलाई 2025 तक खाली करने का रिकार्ड था। रेलवे में डेमरेज चार्ज रेलवे रेक को निर्धारित समय सीमा में अनलोडिंग न करने पर लगाया जाता है। ऊर्जा मंत्री श्री हीरालाल नागर ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रबन्धन एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी इसी प्रकार उत्पादन निगम के अधीन सभी विद्युत गृहों द्वारा नवीन कीर्तिमान स्थापित किए जाएंगे। ऊर्जा सचिव सुश्री आरती डोगरा ने उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक देवेन्द्र श्रृंगी एवं उनकी टीम को बधाई दी तथा सभी पावर प्लान्टों को बेहतर कार्य प्रधन करने एवं भविष्य में टीम भावना को बनाए रखते हुए और बेहतर कार्य करने हेतु प्रेरित किया। उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री देवेन्द्र श्रृंगी ने बताया कि यह कीर्तिमान कर्मचारियों की मेहनत एवं कुशल प्रबंधन का उदाहरण है।

राज्य के विद्युतगृहों द्वारा कीर्तिमान स्थापित—सूरतगढ़ एवं छबड़ा थर्मल विद्युतगृह में बिना डेमरेज कोल रैक खाली—कोयला रैकों की निरन्तर अविलम्ब अनलोडिंग
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