जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण के लिए वरिष्ठ अधिकारी राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन-181 पर दर्ज परिवादों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। इसी क्रम में श्रम, कारखाना एवं बॉयलर निरीक्षण तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं (ईएसआई) विभाग के शासन सचिव पूर्ण चन्द्र किशन ने बुधवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन-181 के नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने श्रम विभाग और कर्मचारी राज्य बीमा योजना से जुड़े 11 परिवादों की समीक्षा की।
4 नवंबर 2026 तक श्रम विभाग से संबंधित कुल 47,914 परिवाद दर्ज हुए। इनमें से 46,946 परिवादों का निस्तारण किया जा चुका है और 968 परिवाद लंबित हैं। निस्तारण की औसत अवधि 13 दिन रही।
पूर्ण चन्द्र किशन जयपुर की कृष्णा देवी, हनुमानगढ़ के संतोष कुमार और कोटा के विकेश के श्रमिक पंजीयन कार्ड जारी होने में देरी से जुड़े परिवाद शामिल रहे। बूंदी के राजमल सैनी और भीलवाड़ा के मोहम्मद के परिवाद श्रमिक डायरी के नवीनीकरण में देरी से संबंधित थे। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई कर परिवादियों को राहत पहुंचाने के निर्देश दिये।
निर्माण श्रमिक शिक्षा एवं कौशल विकास योजना के तहत जयपुर के मन्ना लाल ने वर्ष 2021 में आवेदन करने के बाद भी छात्रवृत्ति राशि नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई। साथ ही डीडवाना-कुचामन के संदीप ने वर्ष 2024 और 2025 की छात्रवृत्ति राशि नहीं मिलने का परिवाद दर्ज कराया। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही छात्रवृत्ति राशि मिल जाएगी। सवाई माधोपुर की संतरा ने श्रमिक डायरी में बैंक खाता संख्या गलत दर्ज होने के कारण छात्रवृत्ति का भुगतान अटकने की शिकायत दर्ज कराई। सम्बन्धित अधिकारी से बात करके किशन ने संतरा जी को बताया कि आपके बैंक खाता संख्या सही हो गई है। जल्द ही आपके पैसों का भुगतान हो जाएगा।
शासन सचिव ने बूंदी के प्रदीप और जोधपुर के राकेश कुमार के प्रसूति सहायता योजना का लाभ मिलने में देरी से जुड़े परिवादों की भी समीक्षा की। इसके साथ ही जोधपुर के बबलू कुमार के कर्मचारी राज्य बीमा अस्पताल से दवाएं नहीं मिलने संबंधी परिवाद पर उन्होंने कहा कि सम्बन्धित अधिकारी से बात हो गई है। आपको दवाईयां उपलब्ध करवा दी जाएगी।
किशन ने परिवादों से जुड़े सम्बन्धित अधिकारियों को आमजन के शिकायतों के प्रति संवेदनशील रहकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर श्रम विभाग एवं कर्मचारी राज्य बीमा योजना के अधिकारी मौजूद रहे।



