विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों के हितों की रक्षा के लिए रीको ने एनजीटी में आवेदन प्रस्तुत किया

ram

जयपुर। विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र, जयपुर में ग्राम बीड पापड की भूमि खसरा नं. 7/2 से संबंधित समस्या के समाधान तथा प्रभावित उद्यमियों के हितों की रक्षा के लिए रीको द्वारा राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी), भोपाल के समक्ष विविध प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए हैं। इसमें निवेदन किया गया है कि ग्राम बीड पापड की भूमि पर कई औद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं अतः उद्यमियों के हितों का ध्यान रखते हुए रीको द्वारा विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र में ही अन्य स्थान पर 2.9087 हेक्टेयर भूमि वन प्रयोजन के लिए आरक्षित की जाएगी। साथ ही, प्रस्तावित भूमि पर वनीकरण करने का संपूर्ण व्यय भी रीको द्वारा वहन करने की पेशकश की गई है। उल्लेखनीय है कि एनजीटी, भोपाल द्वारा दिनांक 16 सितंबर, 2026 को कमलकांत तिवाड़ी द्वारा प्रस्तुत आवेदन पर सुनवाई करते हुए वन विभाग को इस खसरा संख्या 7/2 की 2.9087 हेक्टेयर भूमि का कब्जा प्राप्त करने के निर्देश दिए गए थे। इस आदेश से संबंधित उद्यमियों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को ध्यान में रखते हुए रीको द्वारा एनजीटी, भोपाल के समक्ष वैकल्पिक व्यवस्था का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। इसके तहत रीको ने प्रार्थना की है कि रीको विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र में ही अन्य स्थान पर 2.9087 हेक्टेयर भूमि वन प्रयोजन के लिए आरक्षित करेगा एवं प्रस्तावित भूमि पर वनीकरण करने का संपूर्ण व्यय भी रीको द्वारा वहन किया जायेगा। रीको के इस प्रार्थना पत्र पर एनजीटी द्वारा शीघ्र सुनवाई किए जाने की संभावना है। मामले में उद्यमियों के हितों की रक्षा करने तथा अधिकरण के समक्ष रीको का पक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से रीको द्वारा अतिरिक्त महाधिवक्ता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता की नियुक्ति भी की गई है।रीको द्वारा इस मामले में उद्यमियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है, साथ ही वैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से समुचित समाधान भी किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *