कोटा। अंतर विभागीय समन्वय एवं विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक सोमवार को जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी की अध्यक्षता में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में कलक्टर ने मानसून पूर्व की तैयारियों, गर्मी के मौसम में जनस्वास्थ्य सुरक्षा, पशुधन संरक्षण, बजट घोषणाओं तथा फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति सहित विभिन्न विषयों पर विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें और जनहित से जुड़ी प्राथमिकताओं पर फोकस करें।
हरियालो राजस्थान के लिए विभाग हों सक्रिय
कलक्टर ने कहा कि मानसून पूर्व वृक्षारोपण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए सभी विभाग गड्ढों की खुदाई, पौधों की बुकिंग एवं रोपण स्थलों के चिन्हांकन जैसे कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करें। उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम बताते हुए इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा।
गर्मी में जनस्वास्थ्य को लेकर विशेष सतर्कता
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि भीषण गर्मी और लू तापघात से बचाव के लिए सभी चिकित्सा संस्थानों में आईवी फ्लूड, ओआरएस सहित अन्य आवश्यक संसाधनों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गर्मी से प्रभावित मरीजों के लिए अलग प्रबंधन रखने और त्वरित उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा।
मौसमी बीमारियों को लेकर सर्वे पर बल
कलक्टर ने निर्देश दिए कि डेंगू, जैसी मौसमी बीमारियों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग घर-घर सर्वे करें। विशेष रूप से घनी आबादी वाले क्षेत्रों, शहरी बस्तियों एवं छात्रावास क्षेत्रों में सतर्कता बरती जाए। उन्होंने कहा कि बीमारी की रोकथाम के लिए माइक्रो प्लानिंग और सघन निगरानी जरूरी है।
पेयजल स्रोतों की नियमित जांच और सुधार की हिदायत
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया गया कि वे नलकूपों, हैंडपंपों और अन्य पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता की नियमित जांच करें। जो नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरते वहां पानी के उपयोग पर रोक संबंधी सूचना तत्काल स्थानीय नागरिकों को दी जाए और सुधार की कार्रवाई की जाए।
बिजली आपूर्ति और आगजनी की घटनाओं पर सतर्कता
कलक्टर ने जेवीवीएनएल और केईडीएल अधिकारियों को निर्देशित किया कि ट्रांसफॉर्मरों के आसपास कूड़ा न जमा हो, इसके लिए नगर निगम से समन्वय बनाकर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उसकी सूचना व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से किसानों और नागरिकों तक समय पर पहुंचाई जाए।
नगर निगम को अग्निसुरक्षा के विशेष निर्देश
कलक्टर ने नगर निगम को निर्देश दिए कि सभी हॉस्टलों, मैरिज गार्डन और अन्य भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर अग्निशमन व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की जाएं। अग्निसुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, जांच और कर्मचारियों का प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए।
पशुधन सुरक्षा और चरवाहा समुदाय की जरूरतों पर निर्देश
कलक्टर ने पशुपालन विभाग को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षत्रों के पशुओं को नियमानुसार टीका लगाया जाए। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि भेड़पालकों के बच्चों का नियमित टीकाकरण हो, उनकी शिक्षा की व्यवस्था हो, पहचान पत्र बनाए जाएं तथा विद्युत विभाग चारागाह क्षेत्रों में बिजली के खंभों व तारों की मरम्मत सुनिश्चित करे ताकि किसी दुर्घटना की आशंका न रहे।
लंबित शिकायतों के निस्तारण को लेकर सख्त रुख
कलक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि संपर्क पोर्टल पर 30 दिन से अधिक लंबित शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विभागीय लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बजट घोषणाएं और फ्लैगशिप योजनाएं धरातल पर उतारने पर जोर
बैठक में कलक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि बजट घोषणाओं और फ्लैगशिप योजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए कार्यों को गति दें। उन्होंने कहा कि योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए अधिकारी स्वयं पहल करें और जनहित को सर्वाेपरि रखते हुए कार्य करें।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) मुकेश चौधरी, अतिरिक्त जिला कलक्टर (सीलिंग) कृष्णा शुक्ला सहित जिले के समस्त विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

अंतर विभागीय समन्वय एवं विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक
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