नवरात्रि में राजपाल यादव की खास अपील, बोले- बेटियों को देवी मानने के साथ उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करें

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मुंबई। अभिनेता राजपाल यादव ने नवरात्र पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक अहम मुद्दा उठाया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नवरात्र में सिर्फ देवी की पूजा करने तक सीमित न रहें, बल्कि महिलाओं का सम्मान और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी निभाएं। अभिनेता ने कहा कि हर बेटी को बिना किसी डर के अपने सपनों को पूरा करने और अपनी शर्तों पर जिंदगी जीने का अधिकार मिलना चाहिए। राजपाल यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन की परंपरा का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि जिस देश में छोटी बच्चियों को देवी का रूप मानकर उनकी पूजा की जाती है, क्या वहां हर बेटी वास्तव में सुरक्षित है? अभिनेता ने हिंदी में लिखा, ”नवरात्रि के नौ दिनों तक हम देवी शक्ति की आराधना करते हैं। अष्टमी और नवमी के दिन छोटी-छोटी कन्याओं को देवी का रूप मानकर उनकी पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं। लेकिन जब महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी घटनाएं सामने आती हैं, तो मन में एक सवाल उठता है कि जिस देश में छोटी बच्चियों को देवी मानते हैं, क्या वहां हर बेटी सच में सुरक्षित है?”
राजपाल यादव ने आगे कहा कि तीन बेटियों के पिता होने के नाते यह सवाल मुझे गहराई से प्रभावित करता है। हर पिता चाहता है कि उसकी बेटी बिना किसी डर के अपने सपनों को पूरा करे, अपनी मर्जी से जिंदगी जिए और जहां भी जाए, उसे सम्मान मिले।
अभिनेता ने अपने संदेश में कहा, ”बेटियों का पिता होने के नाते, मेरे लिए यह सवाल और भी भावुक कर देने वाला है। हर पिता चाहता है कि उसकी बेटी बिना किसी डर के अपने सपनों को पूरा करे, अपनी शर्तों पर जिंदगी जिए और उसे हर जगह सम्मान मिले। मां दुर्गा की पूजा तभी वास्तव में सार्थक होगी, जब हम उनकी शक्ति को सिर्फ मंदिरों में ही नहीं, बल्कि हर महिला के प्रति अपने सम्मान और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के जरिए भी पहचानेंगे।”
राजपाल ने लोगों से ऐसे समाज के निर्माण की अपील की, जहां महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए हर दिन संघर्ष न करना पड़े। उन्होंने लिखा, ”इस नवरात्रि, आइए हम खुद को सिर्फ देवी की पूजा तक सीमित न रखें। हम यह संकल्प भी लें कि अपनी बेटियों को हिम्मत के साथ जीना सिखाने के अलावा उन्हें ऐसी दुनिया देने की कोशिश करेंगे, जहां उन्हें हर दिन अपनी सुरक्षा के लिए संघर्ष न करना पड़े। क्योंकि कन्या पूजन सिर्फ एक रस्म नहीं है, बल्कि यह हर बेटी के सम्मान और उसके अधिकारों की रक्षा करने की हमारी जिम्मेदारी भी याद दिलाता है।”

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