नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देशभर में अपने अधिकारों और विभिन्न मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे लोगों की आवाजों को एक मंच पर लाने के लिए ‘सत्याग्रह’ नाम से एक पहल शुरू करने की जानकारी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लोगों से अपने संघर्ष और अनुभव की कहानी साझा करने की अपील की। राहुल गांधी ने कहा कि देशभर में कई लोग अपने हक के लिए लड़ रहे हैं और कई बार उन्हें यह संघर्ष अकेले करना पड़ता है। उन्होंने अपने पोस्ट में Gen Z, छात्रों, किसानों, आदिवासियों, दलितों और महिलाओं के संघर्षों का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि हर संघर्ष की अपनी कहानी है, लेकिन जब कोई आवाज अकेले उठती है तो उसके दब जाने की आशंका रहती है। राहुल गांधी के मुताबिक, ‘सत्याग्रह’ पहल का उद्देश्य ऐसी आवाजों को एक नक्शे पर साथ लाना है, ताकि लोग यह देख सकें कि उनके जैसे मुद्दों को लेकर देश के अन्य हिस्सों में भी कौन-कौन संघर्ष कर रहा है।
राहुल गांधी ने महात्मा गांधी के सत्य और एकता के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि सच एक बड़ा हथियार है, लेकिन उससे भी महत्वपूर्ण है कि लोग सच के साथ एकजुट होकर खड़े हों।
लोगों से मांगी संघर्ष की कहानी
राहुल गांधी ने लोगों से अपील की कि यदि वे किसी अन्याय के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं तो अपनी कहानी साझा करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए करीब दो मिनट का समय लगेगा और साझा की गई कहानी को एक नक्शे पर प्रदर्शित किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि लोग इस माध्यम से अपने जैसे संघर्षों से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जान सकेंगे। राहुल गांधी ने अपने स्तर पर मदद करने की बात कहते हुए कहा कि वे संसद, सड़क, पत्र या जहां भी जरूरत होगी, वहां लोगों के साथ खड़े होने का प्रयास करेंगे।
राहुल गांधी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में लोगों के साथ खड़ा होना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपनी ‘सत्याग्रह’ की कहानी साझा करने का आह्वान किया।



