समाज की जड़ में है पितृसत्तात्मक सोच, समाज आज भी दोहरे मानदंड अपनाता है : माधुरी

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मुंबई। अभिनेत्री माधुरी दीक्षित नेटफ्लिक्स पर अपनी हालिया रिलीज ड्रामा क्राइम कॉमेडी फिल्म ‘मां बहन’ को लेकर उत्साहित हैं। प्रमोशन में व्यस्त अभिनेत्री ने समाज में महिलाओं और पुरुषों के प्रति अलग-अलग नजरिए की बात करते हुए पितृसत्तात्मक सोच पर सवाल उठाया है। माधुरी ने कहा कि प्यार और रिश्तों के मामलों में समाज आज भी दोहरे मानदंड अपनाता है। माधुरी दीक्षित ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “यह एक पितृसत्तात्मक समाज है। शुरू से ही ऐसा होता आया है। अगर कोई पुरुष गर्लफ्रेंड बनाता है तो उसे ‘कैसानोवा’ या रोमियो कहा जाता है। लेकिन अगर कोई महिला वैसा ही करती है तो उसे बुरा-भला कहा जाता है और नकारात्मक नजरिए से देखा जाता है।” अभिनेत्री ने कहा कि उनकी फिल्म ‘मां बहन’ इन्हीं पुरानी परंपराओं और नियमों को चुनौती देती है। फिल्म में दिखाए गए किरदार कमियों से भरे, उलझे हुए और बिल्कुल असल जिंदगी जैसे हैं।
फिल्म में महिलाओं को मजबूत और पारंपरिक नियमों को तोड़ने वाला किरदार दिया गया है। उन्होंने जोर दिया कि हर महिला सम्मान और गरिमा के साथ जीने की हकदार है।
माधुरी ने बताया, “इस फिल्म में हमने समाज द्वारा बनाए गए हर नियम को तोड़ा है और हमें इसमें मजा भी आया। किरदार बहुत उलझे हुए हैं, लेकिन बेहद असली हैं। आप खुद से जुड़ाव महसूस करेंगे।”
‘मां बहन’ का निर्देशन सुरेश त्रिवेणी ने किया है। इसमें माधुरी दीक्षित रेखा नाम की मां का किरदार निभा रही हैं। कहानी रेखा के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पहले से कई मुश्किलों से जूझ रही होती है। अचानक उसके किचन में एक लाश मिल जाती है। अपनी दो बेटियों जिम्मेदार जया और बेबाक सुष्मा के साथ वह इस मुसीबत से निपटने के लिए तेजी से सोचती है, झूठ बोलती है और पड़ोसियों से सच छुपाती है। फिल्म में माधुरी के साथ तृप्ति डिमरी, धारणा दुर्गा, रवि किशन, गीतांजलि कुलकर्णी, अरुणोदय सिंह और शार्दुल भारद्वाज भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म फिलहाल नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है।

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