जयपुर। जयपुर की 16 वर्षीय अव्याना मेहता एक उभरती हुई लेखिका, सोशल एंटरप्रेन्योर और एनवायरमेंटल एडवोकेट के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रही हैं। वह ‘प्लास्टिक2बिल्ड’ की संस्थापक हैं, जो एक युवा-नेतृत्व वाला अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संगठन है और 17 से अधिक स्थानों पर सक्रिय है। इस पहल के माध्यम से 3,000 किलोग्राम से अधिक प्लास्टिक को पुनः उपयोग में लाया है और इस पहल के साथ 150 से अधिक वॉलंटियर्स को जोड़ा है। उनकी पहली पुस्तक ‘द एफर्ट’ में उन्होंने अग्रणी सस्टेनेबल व्यवसायों और गैर-सरकारी संगठनों की प्रेरणादायक यात्राओं को सीईओ और विभिन्न चेंजमेकर्स के साथ संवाद के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में उनके प्रयासों को दर्शाता है। अपने प्रभाव को और व्यापक बनाते हुए, अव्याना ‘सस्टैनिफाई360’ नाम से एक पॉडकास्ट होस्ट करती हैं। इसके साथ ही वह ‘प्लास-स्टिक’ नामक एक रिसर्च पहल का नेतृत्व कर रही हैं, जिसमें इमली-आधारित फिल्टर विकसित किए जा रहे हैं, जो पानी से माइक्रोप्लास्टिक को हटाने में सहायक हैं। इसके अतिरिक्त, वह ‘ग्रीनलिंक’ नामक सस्टेनेबिलिटी कंसल्टेंसी भी संचालित करती हैं, जो विभिन्न संगठनों को पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने में मदद करती है। ट्रिनिटी-सर्टिफाइड ओपेरा और वायलिन परफ़ॉर्मर, अव्याना मेहता अपनी रचनात्मकता को सामाजिक सक्रियता के साथ जोड़ते हुए एक नई पीढ़ी की पर्यावरण-जागरूक नेतृत्वकर्ता के रूप में उभर रही हैं। उनका कार्य यह साबित करता है कि प्रभावशाली बदलाव लाने के लिए उम्र कोई बाधा नहीं होती। जयपुर गर्व के साथ उन्हें भारत की सबसे युवा और प्रेरणादायक सस्टेनेबिलिटी चेंजमेकर्स में शामिल कर सकता है। गौरतलब है कि जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 में वह सबसे कम उम्र की वक्ताओं में से एक थीं, जिन्होंने प्रमुख विचारकों के साथ ‘क्लाइमेट एक्शन एंड एनर्जी ऑल्टरनेटिव्स’ सत्र में हिस्सा लिया।

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 की सबसे कम उम्र की वक्ताओं में से एक: ‘द एफर्ट’ पुस्तक की हैं लेखिका
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