वन नेशन वन इलेक्शन जनता की मांग, यह देश की उन्नति और प्रगति में साबित होगा मील का पत्थर : सीपी जोशी

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नई दिल्ली। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और चित्तौडगढ़ सांसद सीपी जोशी ने आज अपने दिल्ली स्थित आवास पर पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने संविधान सहित अन्य मुद्दों पर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला।

सांसद सीपी जोशी ने कहा जनता सब जानती है कि संविधान किसकी वजह से खतरे में है। कांग्रेस ने हमेशा सत्ता को प्राथमिकता दी संविधान को नहीं, नेहरू जी से लेकर इंदिरा जी और राजीव गांधी जी ने कई बार संविधान को तार-तार करने का प्रयास किया। देश में इमरजैंसी भी कांग्रेस पार्टी के कारण ही आई थी डॉ. मनमोहन सिंह के समय एक बिल आया जिसे राहुल गांधी ने फाड दिया था। कांग्रेस ने बाबा साहेब का अपमान किया जबकि मोदी सरकार में बाबा साहेब की जन्म स्थली से लेकर शिक्षा स्थली, दिक्षा स्थली, निर्वाण स्थली सहित सभी स्थानो का विकास हुआ। मोदी सरकार ने संविधान को सर माथे पर लगाकर देश के हर तबके के सर्वांगीन विकास के लिए काम कर रही है कांग्रेस संविधान को पॉकिट में रखकर घूमती है। कांग्रेस संविधान पर चर्चा से कतरा रही है।

सीपी जोशी ने कहा कि कांग्रेस महामहीम उपराष्ट्रपति के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाती है, महामहीन राष्ट्रपति महोदय जो जनजाति परिवार से आती है उनके रंग पर हंसी उड़ाती है। आज देश में चाय बनाने वाला प्रधानमंत्री बन सकता है, गरीब परिवार में जन्म लेकर देश का राष्ट्रपति बन सकते है तो इनको लगता है कि ये लोग कैसे इस देश का नेतृत्व कर सकते है, यह तो हमारा ठेका था, हमारे अलावा इस देश में कोई नहीं है।

सीपी जोशी ने वन नेशन वन इलेक्शन पर बोलते हुए कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन देश की उन्नति और प्रगति में मील का पत्थर साबित होगा। देश में 1952, 1957, 1962 और 1967 के चुनाव वन नेशन वन इलेक्शन के आधार पर हुए, बाद में व्यवस्थाए बदली। देश की जनता की मांग है कि जिस प्रकार से वन नेशन वन टैक्स हुआ, वन नेशन वन राशन हुआ वैसे ही वन नेशन वन इलेक्शन हो क्योकि बार बार आचार संहिता लगने से विकास कार्यों में बाधा आती है, देश पर आर्थिक बोझ बढ़ता है और कई प्रकार की समस्याएं आती है।

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