राजस्थान में भीषण गर्मी से जनजीवन बेहाल, 26 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट

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जयपुर। राजस्थान में मानसून की दस्तक से पहले भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। सोमवार को श्रीगंगानगर का अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस मापा गया, जो देश में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा फलोदी में 43.6, चूरू और बीकानेर में 42.8 तथा बाड़मेर में 42.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
जोधपुर और बीकानेर सहित पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में इन दिनों मई जैसी गर्मी महसूस की जा रही है। दूसरी ओर, कोटा, झालावाड़, बारां, टोंक और आसपास के क्षेत्रों में हल्के बादल छाने के साथ कुछ स्थानों पर बारिश होने से लोगों को गर्मी से आंशिक राहत मिली। पिछले 24 घंटों में झालावाड़ जिले के खानपुर में 12 मिमी, अकलेरा में 6 मिमी, पिड़ावा में 3 मिमी, भरतपुर के नगर में 11 मिमी तथा अलवर के कठूमर में 9 मिमी वर्षा हुई। इसके अलावा दौसा और डूंगरपुर के कुछ इलाकों में भी हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 26 जिलों में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार आगामी दिनों में मौसम में बदलाव की संभावना है और कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहीं तो इस सप्ताह के अंत तक दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कोटा और बारां क्षेत्र से मानसून प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। मानसून के आगमन के साथ भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल प्रदेश के अधिकांश जिलों में आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) का स्तर 60 प्रतिशत से अधिक बना हुआ है, जिससे तापमान के साथ उमस भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।

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