नई दिल्ली। न्यूजीलैंड विमेंस क्रिकेट टीम की अनुभवी तेज गेंदबाज ली ताहूहू ने वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लिया। 35 साल की ताहूहू ने अपने 15 साल लंबे वनडे करियर पर ब्रेक लगाया। वे टी-20 क्रिकेट खेलना जारी रखेंगी, उन्होंने कहा कि उनका टारगेट इस साल जून में होने वाला वर्ल्ड कप है।
न्यूजीलैंड की सबसे सफल वनडे गेंदबाज
ताहूहू ने 2011 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया था। तब से वे कीवी टीम के बॉलिंग डिपार्टमेंट को लीड कर रही हैं। उन्होंने पिछले साल वनडे वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपना आखिरी वनडे खेला। इस मुकाबले में उन्होंने 9 रन देकर 1 विकेट लिया।
ताहूहू के नाम 3 बड़े रिकॉर्ड्स
सबसे ज्यादा विकेट: वे न्यूजीलैंड की ओर से वनडे में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज हैं। उन्होंने 103 मैचों में 125 विकेट झटके।
100 मैचों का क्लब: वे न्यूजीलैंड की उन चुनिंदा 12 महिला खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने 100 से ज्यादा वनडे मैच खेले।
वर्ल्ड कप का अनुभव: ताहूहू ने अपने करियर में 4 वनडे वर्ल्ड कप (2013, 2017, 2022 और 2025) खेले।
सपना सच होने जैसा रहा सफर- ताहूहू
संन्यास की घोषणा करते हुए ताहूहू भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा, “व्हाइटफर्न्स के लिए वनडे खेलना हमेशा गर्व की बात रही। जब मैंने शुरुआत की थी, तो एक मैच खेलना भी बड़ी बात थी, लेकिन अपने देश के लिए 100 से ज्यादा मैच खेलना मेरे लिए सपने जैसा है। मैं इस सफर की हर याद को संजोकर रखूंगी।”
टी-20 वर्ल्ड कप बचाने पर फोकस
वनडे को अलविदा कहने के बाद अब ताहूहू का पूरा ध्यान टी-20 फॉर्मेट पर है। न्यूजीलैंड की टीम मौजूदा टी-20 वर्ल्ड चैंपियन है और इस साल जून-जुलाई में इंग्लैंड में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप में अपने खिताब को डिफेंड करने उतरेगी। ताहूहू ने कहा कि वह टीम को दोबारा चैंपियन बनाने के लिए पूरी तरह मोटिवेटेड हैं।
कोच ने बताया ‘रोल मॉडल’
न्यूजीलैंड के हेड कोच बेन सॉयर ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि ली ने वनडे क्रिकेट में गेंदबाजी के नए पैरामीटर सेट किए। उनकी स्पीड और क्रिकेट के लिए डेडिकेशन युवाओं को इंस्पायर करता रहेगा। वे इस देश में विमेंस क्रिकेटर्स के लिए रोल मॉडल हैं।



