जयपुर। खान विभाग द्वारा तकनीक का उपयोग और मोनेटरिंग व्यवस्था को चाकचोबंद करने से अक्टूबर माह की 6 तारीख से 31 अक्टूबर तक 25 दिनों में 39 कांटों को निष्क्रिय करने के साथ ही एक ही वाहन से अनेकों रवन्ना सहित अन्य अनियमितताओं पर 110 खनिज परिवहन वाहनों पर जुर्माना और जब्ती सहित कड़ी कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही संबंधित लीजधारकों पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पेट्रोलियम श्रीमती अपर्णा अरोरा ने बताया कि खनन क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से चरणबद्ध रुप में ऑटोमाइजेशन, व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम और तकनीक के उपयोग से अवैध खनन गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई संभव हो पा रही है। विभाग द्वारा खनन क्षेत्र में अवैध खनिज गतिविधियों पर आर्टिफिसियल तकनीक और ऑनलाइन एनालिसिस और फील्ड अधिकारियों द्वारा तुलाई कांटों व खनिज परिवहन वाहनों के औचक निरीक्षण के साथ ही डेटा ऑनलाइन विश्लेषण का असर क्षेत्र में दिखाई देने लगा है। सितंबर और अक्टूबर दो माह में राज्य भर में अवैध खनन, भण्डारण और परिवहन पर 1308 प्रकरण दर्ज कर 114 एफआइआर दर्ज कराने के साथ ही 93 गिरफ्तारी की गई है। इसके साथ ही 1261 वाहन मशीनरी की जब्ती और 7 करोड़ से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। माइंस सेक्टर में पारदर्शी और तकनीक आधारित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। अब तक 2531 तुलाई कांटों का ऑटोमाइजेशन किया जा चुका हैं वहीं 79263 वाहनों को व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम से जोड़ा जा चुका है। एक ही खनिज परिवहन वाहन द्वारा एक ही दिन में बड़ी संख्या में रवन्ना जेनरेट होने और तुलाई में अनियमितता आदि की कतिपय प्रकरणों के उजागर होने आदि पर कार्रवाई करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था के तहत विश्लेषण भी शुरु किया है। इसके अलावा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश देते हुए 6 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक निरीक्षण करवाया गया है। विभागीय अधिकारियों द्वारा इस दौरान 922 तुलाई कांटों का निरीक्षण किया गया जिसमें से अनियमितता प्राप्त 155 तुलाई कांटों पर कार्रवाई करते हुए 95 तुलाई कांटा संचालकों को नोटिस जारी किये गये, कड़ी कार्रवाई करते हुए 39 तुलाई कांटों को डीएक्टिवेट करने जैसी सख्त और अप्रिय कार्रवाई की गई है। श्रीमती अपर्णा अरोरा ने बताया कि विभागीय अधिकारियों द्वारा 3923 खनिज परिवहन वाहनों का निरीक्षण कर 110 वाहनों में अनियमितता पाये जाने पर एक करोड़ 22 लाख से अधिक का जुर्माना लगाते हुए एक करोड़ 11 लाख की राशि भी राजकोष में जमा करवा ली गई है। राज्य में 47 वाहनों की जब्ती की गई है। खनन क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियों सहित राजस्व में छीजत पर कारगर रोक लगाने पर जोर दिया गया है। व्यवस्था को पारदर्शी और संवेदनशील बनाया गया है। एसीएस माइंस द्वारा उच्चाधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की और आवश्यक निर्देश जारी किये। बैठक में विशिष्ट सचिव श्रीमती नम्रता वृष्णि, उप सचिव श्री राकेश कुमार, अतिरिक्त निदेशक श्री बीएस सोढ़ा, अतिरिक्त निदेशक भूविज्ञान श्री आलोक प्रकाश जैन, अधीक्षण खनि अभियंता श्री एनएस शक्तावत, विशेषाधिकारी डॉ. अनुज सक्सेना, श्री श्रीकृष्ण शर्मा, अधीक्षण भूवैज्ञानिक श्री सुनील कुमार वर्मा सहित विभागीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
खान विभागः तकनीक का उपयोग और मोनेटरिंग व्यवस्था को चाकचोबंद कर अक्टूबर माह में 155 तुलाई कांटों व 110 खनिज परिवहन वाहनों पर कार्रवाई : अपर्णा अरोरा
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