स्टॉक मार्केट में मेहुल टेलिकॉम की शानदार शुरुआत, मुनाफे में आईपीओ निवेशक

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नई दिल्ली। टेलिकॉम सेक्टर में काम करने वाली कंपनी मेहुल टेलिकॉम लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में प्रीमियम एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 98 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग दस प्रतिशत से अधिक प्रीमियम के साथ 108 रुपये के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद खरीदारी के सपोर्ट से ये शेयर उछल कर 109.90 रुपये के स्तर पर पहुंचा। वहीं मुनाफा वसूली के चक्कर में बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण ये शेयर टूट 104 रुपये के स्तर तक भी आया। बाजार में लगातार जारी खरीदी बिक्री के बाद सुबह 10:45 बजे तक का कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर 107.75 रुपये के स्तर पर बने हुए थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशक 9.75 रुपये यानी 9.95 प्रतिशत के फायदे में थे।

मेहुल टेलिकॉम लिमिटेड का 88.02 करोड़ रुपये का आईपीओ 17 से 21 अप्रैल के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 44.91 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 32.5 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 79.38 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 37.41 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 28,29,600 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

मेहुल टेलिकॉम लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को एक लाख रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। इसके अगले साल 2024-25 में कंपनी फायदे में आ गई। इस साल कंपनी को 5.74 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 7.07 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत तक कंपनी पूरी तरह से कर्ज मुक्त थी। लेकिन वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी पर सात लाख रुपये का कर्ज हो गया। इसी तरह मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी पर 3.72 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ लद चुका है।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये नौ लाख रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 17.10 करोड़ रुपये हो गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 24.18 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 3.04 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 8.02 करोड़ रुपये हो गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 31 दिसंबर 2025 तक ये 9.71 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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