जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में शनिवार को पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत लंबित आवेदनों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की स्थिति, स्वीकृति एवं वितरण की प्रगति तथा विभिन्न कारणों से लंबित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 27 जनवरी 2026 के बाद से योजना के अंतर्गत कुल 34,893 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 14,169 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं तथा 12,129 प्रकरणों में ऋण वितरण किया गया है। वहीं विभिन्न कारणों से लंबित 2,616 आवेदनों पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाए तथा स्वीकृति एवं वितरण प्रक्रिया में लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य रेहड़ी-पटरी एवं छोटे स्वरोजगार से जुड़े नागरिकों को सुलभ वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, इसलिए सभी संबंधित विभाग एवं संस्थाएं समन्वय के साथ कार्य करें। उल्लेखनीय है कि पीएम स्वनिधि योजना का शुभारंभ वर्ष 2020 में किया गया था। योजना का प्रथम चरण दिसंबर 2025 में पूर्ण हो चुका है तथा इसका क्रियान्वयन वर्ष 2030 तक जारी रहेगा। बैठक में शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग रवि जैन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न सरकारी एवं निजी बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

पीएम स्वनिधि योजना के लंबित आवेदनों की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित -मुख्य सचिव ने स्वीकृति, वितरण एवं लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश
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