जयपुर। बिरला ऑडिटोरियम, जयपुर में आयोजित 4-दिवसीय फोरहेक्स फेयर 2025 के दूसरे दिन डिज़ाइन लर्निंग, क्रिएटिविटी और क्राफ्ट एक्सप्लोरेशन का उत्साहपूर्ण संगम देखने को मिला। पहले दिन के भव्य उद्घाटन के बाद दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में विजिटर्स पहुंचे और होम डेकोर, फर्नीचर, टेक्सटाइल्स, लाइटिंग, रग्स, गिफ्टिंग आदि की विविध श्रेणियों को एक ही छत के नीचे एक्सप्लोर किया। फेयर 24 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। लाइव पेन्टिंग्स बैटल रही दूसरे दिन का मुख्य आकर्षण रहा क्रिएटिव लर्निंग नेटवर्क का प्रमुख शिक्षण संस्थान ‘कोड’ ने लाइव पेन्टिंग्स बैटल का आयोजन किया, जिसमें जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी, पूर्णिमा यूनिवर्सिटी, विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी, वनस्थली यूनिवर्सिटी, आईआईसीडी, पोद्दार ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन्स और आईआईएस यूनिवर्सिटी के स्टूडेन्ट्स ने हिस्सा लिया। ‘राजस्थान स्ट्रीट स्टोरीज़’ थीम पर आयोजित लाइव ग्रैफिटी बैटल पेन्टिंग्स में 30 से अधिक टीमों ने अपनी एंट्रीयां दी, जिनमें से 16 टीमों ने इसमें हिस्सा लिया। प्रत्येक टीम में 4-5 छात्र शामिल थे, जिन्हें 1.5 घंटे में राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती कलाकृति बनाने का अवसर दिया गया। विजेताओं को 5,000 रूपए, 3,000 रूपए और 2,000 रूपए के नकद पुरस्कारों के साथ कोड शिक्षण संस्थान की मेंबरशिप प्रदान की जाएगी।
दूसरे दिन वर्कशॉप्स और सैशन का हुआ आयोजन
फेयर के दौरान “राजस्थान की क्रिएटिव इकोनॉमी – इनोवेशन, हेरिटेज और ग्लोबल अपॉर्च्युनिटीज़” विषय पर एक विचारोत्तेजक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। पैनल में डॉ. जितेन्द्र शर्मा (पूर्णिमा यूनिवर्सिटी), मनोज कुलदीप (विज़नरी लाइफ़स्टाइल प्रोडक्ट डिज़ाइनर, जयपुर) और प्रांजीत शर्मा (जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी) शामिल थे। कोड की एकेडमिक डायरेक्टर गरिमा अग्रवाल ने सत्र का संचालन किया। चर्चा में राजस्थान की विकसित होती क्रिएटिव इकोसिस्टम, विरासत-आधारित नवाचार और क्राफ्ट सेक्टर के वैश्विक अवसरों पर प्रकाश डाला गया। क्रिएटिव इंडस्ट्री और एकेडेमिया के बीच की दूरी कम करने पर आधारित एक अन्य सत्र भी पूरी तरह हाउसफुल रहा।
फेयर के कन्वीनर, अतुल पोद्दार ने बताया कि, जयपुर वासियों और आसपास के क्षेत्रों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। पहले दिन 3000 से अधिक विजिटर्स आए, जिससे प्रदर्शकों को बेहतरीन व्यापारिक अवसर मिले। फेयर का उद्देश्य कारीगरों और इंडस्ट्री विशेषज्ञों को एक मंच पर लाना है। भारत के 9–10 राज्यों के कारीगर फेयर में एक ही छत के नीचे अपने प्रामाणिक, मौलिक और उत्कृष्ट शिल्प का प्रदर्शन कर रहे हैं। इस वर्ष गार्डन फर्नीचर की विशेष रेंज मुख्य आकर्षण है, जिसमें अनोखे डिजाइन और स्टेटमेंट पीसेज़ शामिल हैं। साथ ही वुड क्राफ्ट पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो अपनी बारीकियों, उपयोगिता और सदाबहार सुंदरता के लिए जाना जाता है।
फोरहेक्स फेयर केवल शॉपिंग का स्थान नहीं है—यह भारत की अद्भुत कारीगर विरासत का उत्सव है। यह फेयर पारंपरिक शिल्प और आधुनिक डिजाइन विचारों को जोड़ते हुए कारीगरों के लिए एक लॉन्च पैड की तरह कार्य करता है, जहां उन्हें खरीदारों से जुड़ने और अपनी कला को व्यापक मंच तक पहुँचाने का अवसर मिलता है। विज़िटर टेक्सटाइल्स, होम डेकोर, फर्नीचर, लाइटिंग, कारपेट्स, पॉटरी और अन्य अनूठे हैंडक्राफ़्ट उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला का आनंद ले सकते हैं। फोरहेक्स फेयर का 11वाँ संस्करण परंपरा, रचनात्मकता, कौशल और व्यापारिक अवसरों का जीवंत संगम है, जो कला-प्रेमियों, इंटीरियर डिज़ाइनरों, रिटेलर्स, एक्सपोर्टर्स और परिवारों को भारत की श्रेष्ठ शिल्प विरासत का अनूठा अनुभव प्रदान करता है।

फोरहेक्स फेयर 2025 के दूसरे दिन लाइव पेंटिंग बैटल, वर्कशॉप्स और पैनल डिस्कशन रहे आकर्षण
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