श्रीगंगानगर। विधिक माप विज्ञान अधिकारी अमित चौधरी द्वारा उपभोक्ता सरक्षण हेतु विभागीय निर्देशानुसार 24 जून से लेकर 1 जुलाई 2026 तक श्रीगंगानगर ज़िले में संचालित धर्मकाँटों का औचक निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि धर्मकांटे को विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 एवं इसके अन्तर्गत बने नियमों के तहत सत्यापन एवं मुद्रांकन पश्चात ही उपयोग में लिया जा सकता है। सभी धर्मकाँटों पर सत्यापित एक टन या काँटे की अधिकतम क्षमता के दशवें हिस्से के बराबर के बाट (जो भी कम हो) रखना अनिवार्य है। उन्हांेने बताया कि निरीक्षण के दौरान पार्वती-रावला, धालीवाल धर्मकाँटा-श्रीविजयनगर, अमन धर्मकाँटा-श्रीगंगानगर आदि सही पाए गए तथा पैंसिया धर्मकाँटा-अनूपगढ़ सत्यापित नहीं पाया गया। अनियमितताएं मिलने पर मौक़े पर प्रकरण दर्ज कर जुर्माना राशि राजकोष में जमा करवाई गई। उन्होंने सभी धर्मकांटा फर्मों व ईंट भट्टों पर स्थापित धर्मकांटों से नियमों की पालना करने की अपील करते हुए बताया कि निरीक्षण कार्यवाहियां निरंतर जारी रहेंगी।
विधिक माप विज्ञान अधिकारी ने किया धर्मकांटों का निरीक्षण
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