जयपुर: तृतीय सत्र के 75 प्रतिशत प्रश्‍नों के उत्‍तर विधान सभा को हुए प्राप्‍त, 27 अगस्‍त तक सभी लंबित प्रश्नों के जवाब आवश्‍यक रूप से भेजे जाएं – विधानसभा अध्यक्ष —पार‍दर्शिता और जवाबदेही के लिए प्रश्‍नों का जवाब आना आवश्‍यक

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जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने राज्‍य सरकार के सभी विभागों के अतिरिक्‍त मुख्‍य सचिव, प्रमुख शासन सचिव और सचिवगण को निर्देश दिए है कि सोलहवीं राजस्‍थान विधान सभा के तृतीय सत्र में विधायकगण द्वारा पूछे गये सभी प्रश्‍नों के जवाब राजस्‍थान विधान सभा को आगामी सत्र के आरम्‍भ होने से पहले 27 अगस्‍त तक आवश्‍यक रूप से भेज दिए जाएं।

तृतीय सत्र के 75 प्रतिशत प्रश्‍नों के उत्‍तर विधान सभा को हुए प्राप्‍त –
श्री देवनानी ने बताया कि सोलहवीं विधानसभा के तृतीय सत्र में विधायकगण द्वारा पूछे गए प्रश्‍नों में से लगभग 75 प्रतिशत के जवाब राज्‍य सरकार से राजस्‍थान विधान सभा को प्राप्‍त हो गए है। उन्‍होंने बताया कि राजस्‍थान विधान सभा को लगभग 9700 प्रश्‍न प्राप्‍त हुए थे, जिसमें से 7300 प्रश्‍नों के जवाब मिल गए है। लम्बित 2400 प्रश्‍नों के जवाब विभिन्‍न विभागों से आना शेष है। उन्‍होंने बताया कि तृतीय सत्र के बकाया प्रश्‍नों के जवाब राज्‍य सरकार के विभिन्‍न विभागों द्वारा आगामी सत्र से पहले 27 अगस्‍त तक प्राप्‍त हो जाएंगे।

पार‍दर्शिता और जवाबदेही के लिए प्रश्‍नों का जवाब आना आवश्‍यक –
श्री देवनानी ने कहा कि सोलहवीं विधानसभा का चतुर्थ अधिवेशन, जो 1 सितंबर से प्रारंभ होगा, इससे पहले सभी लंबित प्रश्नों के उत्तर विधान सभा को भेजे जाने के लिए वि‍भिन्‍न विभागों के वरिष्‍ठ अधिकारियों को निर्देश दे दिए है। विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए विधान सभा द्वारा पूछे गए प्रश्‍नों के जवाब आना आवश्‍यक है। उन्‍होंने कहा कि आमजन के मुद्दों का समाधान के लिए और विधायकों को अपने क्षेत्र की समस्याओं की निजात के लिए समय पर जानकारी मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रश्नों के उत्‍तर के लिए समयबद्धता होने से सदन की कार्यक्षमता बढती हैं, साथ ही लोकतांत्रिक व्यवस्था भी अधिक सशक्त होती हैं।

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