जयपुर। शहरवासियों को जेडीए (जयपुर विकास प्राधिकरण) के ऑनलाइन सिस्टम से राहत मिलने की बजाय अब भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आमजन की सुविधा के लिए शुरू किया गया ऑनलाइन आवेदन और ई-फाइलिंग सिस्टम भी समय पर निस्तारण देने में नाकाम साबित हो रहा है। बड़ी संख्या में आवेदन ड्यू-डेट निकल जाने के बावजूद पेंडिंग पड़े हैं। इसी बढ़ती शिकायतों को देखते हुए जेडीसी आनंदी ने सोमवार को जेडीए नागरिक सेवा केंद्र में विशेष ‘समाधान शिविर’ आयोजित किया। इस दौरान न केवल पेंडिंग फाइलों को निपटाने के लिए संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को बुलाया गया, बल्कि आवेदकों को भी मौके पर बुलाकर उनकी समस्याओं का हल निकाला गया।
410 पेंडिंग फाइलें रखी गईं शिविर में
जेडीसी आनंदी ने बताया कि इस विशेष शिविर में उन मामलों को प्राथमिकता दी गई, जो लंबे समय से पेंडिंग चल रहे थे और जिनकी ड्यू-डेट निकल चुकी थी। कुल 410 प्रकरण ऐसे मिले जिन्हें शिविर में रखा गया। इनमें से कई आवेदक जेडीए के चक्कर काट-काटकर थक चुके थे लेकिन उनकी फाइल आगे नहीं बढ़ रही थी।
134 आवेदक स्वयं उपस्थित हुए। 188 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। 37 मामलों को नियमों के अनुरूप कार्रवाई न होने के कारण रद्द कर दिया गया। 105 मामलों में अतिरिक्त दस्तावेज/जानकारी मांगी गई है। आवेदक इन्हें उपलब्ध कराएंगे, तभी उनका निस्तारण किया जाएगा। अधिकारियों की लापरवाही बनी बड़ी वजह जेडीसी ने माना कि कई मामले ऐसे थे जिनका निस्तारण केवल इसलिए नहीं हो पाया क्योंकि संबंधित अधिकारी और कर्मचारी आपसी चर्चा तक नहीं कर पाए। फाइलें इधर-उधर अटकी रहीं और आवेदक बेवजह परेशान होते रहे। आगे भी होंगे ऐसे कैंप आनंदी ने कहा कि इस तरह के शिविर अब आगे भी लगाए जाएंगे, ताकि आमजन की समस्याओं का समय पर समाधान हो और पेंडिंग फाइलों का बोझ कम हो। हालांकि इन शिविरों के आयोजन की कोई तय समय-सीमा फिलहाल निर्धारित नहीं की गई है।



