जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार जयपुर जिले में पंच गौरव से जुड़े स्थलों, उत्पादों एवं विशिष्टताओं के संरक्षण, संवर्धन एवं समग्र विकास की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रभावी पहल की जा रही है। इसी क्रम में जयपुर जिले के पंच गौरव विषय पर आधारित जिला स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में आयोजित इस प्रतियोगिता में जिले के 5 हजार 933 विद्यालयों के 1 लाख 87 हजार 222 स्कूली विद्यार्थियों ने उत्साह, उमंग और रचनात्मकता के साथ सहभागिता निभाई। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने रंगों, रेखाओं और कल्पनाशील अभिव्यक्ति के जरिए जयपुर जिले की विशिष्ट पहचान को कैनवास पर सजीव रूप प्रदान किया। अतिरिक्त जिला कलक्टर (जयपुर प्रथम) श्रीमती विनीता सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता में जयपुर जिले के 2 हजार 999 राजकीय विद्यालयों के 94 हजार 784 विद्यार्थी तथा 2 हजार 934 निजी विद्यालयों के 92 हजार 438 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने पंच गौरव की थीम पर आधारित चित्रों के माध्यम से न केवल अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि जिले की सांस्कृतिक, सामाजिक एवं आर्थिक पहचान को भी सशक्त रूप में प्रस्तुत किया। मुख्य आयोजना अधिकारी डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया कि विद्यार्थियों ने कूंची के माध्यम से जयपुर जिले के पंच गौरव को रंगों में ढालते हुए एक जिला–एक खेल के अंतर्गत कबड्डी, एक जिला–एक उपज के रूप में आँवला, एक जिला–एक वनस्पति प्रजाति के रूप में लिसोड़ा, एक जिला–एक उत्पाद के रूप में रत्नाभूषण तथा एक जिला–एक पर्यटन स्थल के रूप में आमेर दुर्ग को अत्यंत सृजनात्मक, आकर्षक एवं भावनात्मक रूप से चित्रित किया। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा आयोजित यह चित्रकला प्रतियोगिता विद्यार्थियों में न केवल जयपुर जिले के पंच गौरव के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई है, बल्कि इसके माध्यम से भावी पीढ़ी में जिले की विरासत, परंपराओं एवं विशिष्टताओं के संरक्षण और संवर्धन के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण एवं प्रभावी पहल साबित हुई।

जयपुर: जयपुर में लाखों विद्यार्थियों ने कैनवास पर कूंची से उकेरे पंच गौरव के रंग – पंच गौरव योजना के तहत जिला स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता का हुआ भव्य आयोजन
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