बेरूत पर हमला हुआ तो ईरान सैन्य जवाब देने को तैयार : अराघची

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तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि अगर इजरायल बेरूत पर हमला करता है, तो ईरान जवाबी कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि तेहरान ने सभी पक्षों को साफ बता दिया है कि वह लेबनान की राजधानी पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा और ऐसा कदम फिर से युद्ध शुरू होने की वजह बन सकता है। बुधवार को (स्थानीय समयानुसार) लेबनान के टीवी चैनल अल मयादीन को दिए गए एक इंटरव्यू में अराघची ने कहा कि ईरान की सेना पूरी तरह तैयार है और अगर बेरूत पर हमला होता है तो वह इजरायल के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अराघची ने आरोप लगाया कि इजरायल ने हाल के दिनों में ईरान और लेबनान दोनों जगह युद्धविराम का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा संघर्ष में ईरान और लेबनान की स्थिति एक-दूसरे से जुड़ी हुई है, इसलिए किसी भी युद्धविराम या समझौते में दोनों देशों को शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच संदेशों के आदान-प्रदान के जरिए बातचीत जारी है, लेकिन अभी तक कोई बड़ी प्रगति नहीं हुई है। दोनों पक्ष आपस में भेजे गए मसौदों की समीक्षा कर रहे हैं और अंतिम समझौते का रूप तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने दोहराया कि ईरान ‘सम्मान और गरिमा पर आधारित शांति और सुरक्षा’ चाहता है और युद्ध नहीं चाहता। उन्होंने कहा कि तेहरान ने बातचीत के प्रस्तावों का सकारात्मक जवाब दिया है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की सेना किसी भी समय फिर से सैन्य अभियान शुरू करने के लिए तैयार है और लंबे समय तक युद्ध लड़ने की क्षमता रखती है।
पिछले कुछ हफ्तों में ईरान और अमेरिका ने पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए शांति की शर्तों से जुड़े कई प्रस्तावों का आदान-प्रदान किया है। दोनों देश युद्ध खत्म करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) को अंतिम रूप देने पर काम कर रहे हैं।
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने सोमवार को रिपोर्ट दी थी कि लेबनान में इजरायल की ताजा कार्रवाइयों के विरोध में तेहरान ने वॉशिंगटन के साथ मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान रोक दिया है। कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस खबर का खंडन करते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत तेजी से जारी है।
इससे पहले बुधवार को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि उसने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। यह कार्रवाई ईरान के दक्षिणी केश्म द्वीप पर स्थित आईआरजीसी के एक संचार टावर पर अमेरिका की ओर से रात में किए गए हमले के जवाब में की गई।

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