न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें वार्षिक सत्र के मंच से फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पश्चिम एशिया, विशेषकर ग़ज़ा के मानवीय संकट को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की बेरुखी और विफलता पर कड़ा प्रहार किया है। मैक्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग़ज़ा में शांति बहाली से जुड़े दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे कूटनीतिक दिखावा करार दिया और दुनिया के सामने मौजूद ज़मीनी हकीकत को शर्मनाक बताया। ‘कथित शांति के बीच एक सेकंड के लिए भी नहीं खुली मानवीय मदद’
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने डोनाल्ड ट्रंप की ग़ज़ा शांति योजना को कूटनीतिक उपलब्धि के तौर पर पेश किए जाने की तीखी आलोचना की:
मानवीय गलियारों की बदहाली: मैक्रों ने रेखांकित किया कि तथाकथित शांति की घोषणाओं के बावजूद ग़ज़ा में अब तक कोई भी मानवीय गलियारा (ह्यूमैनिटेरियन कॉरिडोर) दोबारा नहीं खोला गया है, जिससे वहां की बेबस आबादी तक दवा और राशन पहुंच सके।
विश्वसनीयता पर सवाल: संयुक्त राष्ट्र के मंच से वैश्विक नेताओं को संबोधित करते हुए मैक्रों ने कहा, “अगर हम ग़ज़ा को लेकर इसी तरह आत्मसंतुष्ट बने रहे, तो एक वैश्विक व्यवस्था के तौर पर हमारी क्या विश्वसनीयता रह जाएगी? कुछ लोग कथित शांति का बखान कर रहे हैं, लेकिन इस शांति ने मानवीय उद्देश्यों के लिए एक सेकंड के लिए भी ज़मीनी पहुँच सुनिश्चित नहीं की है।”
शर्मसार करने वाला मंज़र: अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मूकदर्शक बनी भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “क्या हम चुपचाप खड़े रहकर ऐसे दृश्य को देखते रहेंगे, जिस पर हम सभी को शर्म आनी चाहिए?”
रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी रखा फ़्रांस का पक्ष
ग़ज़ा के साथ-साथ राष्ट्रपति मैक्रों ने पूर्वी यूरोप में जारी संघर्ष पर भी फ़्रांस का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से खिंच रहे युद्ध को समाप्त करने और दोनों पक्षों के बीच जल्द से जल्द एक सार्थक, न्यायसंगत और टिकाऊ शांति वार्ता शुरू कराने के लिए फ़्रांस कूटनीतिक स्तर पर हर संभव प्रयास जारी रखेगा।

ग़ज़ा पर संयुक्त राष्ट्र में बरसे फ़्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों : कहा– दुनिया के सामने ऐसा दृश्य है, जिस पर हम सभी को शर्म आनी चाहिए
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