गबन और अनियमितताओं के प्रकरणों में दर्ज करवाई जाए एफआईआर — सोसायटियों की आमसभा 30 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से करवानी होगी आयोजित — सहकारिता मंत्री

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जयपुर। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में होने वाली सरसों और चना की खरीद में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए। किसी भी तरह की अनियमितता या लापरवाही सामने आने पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी सहकारिता मंत्री मंगलवार को अपेक्स बैंक सभागार में विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में एमएसपी खरीद, सहकारी समितियों की ऑडिट प्रगति एवं आमसभा, सहकारी अधिनियम की धारा 55 एवं 57 के अंतर्गत लम्बित प्रकरण, जनसुनवाई के प्रकरण, विभागीय योजनाओं की प्रगति आदि की विस्तार से समीक्षा की गई। दक ने निर्देश दिए कि एमएसपी पर सरसों-चना की खरीद प्रक्रिया बिना शिकायत सम्पन्न हो। जिन खरीद केंद्रों पर पूर्व में अनियमितताएं सामने आई हैं, उन पर विशेष निगरानी रखी जाए। साथ ही, फर्जी रजिस्ट्रेशन करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए। अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए किसानों से भी निरन्तर फीडबैक लिया जाए। उन्होंने कहा कि खरीद में गड़बड़ी हुई तो उप रजिस्ट्रार जिम्मेदार होंगे तथा अतिरिक्त रजिस्ट्रार (खंड) के विरुद्ध भी लापरवाही बरतने पर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि उप रजिस्ट्रार और राजफेड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रतिदिन खरीद केंद्रों का निरीक्षण करें। सहकारिता मंत्री ने सहकारी अधिनियम की धारा 55 एवं 57 के अंतर्गत लम्बित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों में जांच में गबन और अनियमितताएं प्रमाणित हो चुकी हैं, उनमें दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाई जाए तथा प्रकरण में गंभीरता से कार्यवाही करते हुए चालान पेश करवाया जाए। उन्होंने धारा 55 के अंतर्गत जांच शुरू करते ही न्यायालय में आवश्यक रूप से कैवियट लगाने के भी निर्देश दिए। दक ने कहा कि सोसायटियों में गबन-घोटालों पर रोक लगाने के लिए उनकी ऑडिट और आमसभा समयबद्ध रूप से सम्पन्न करवाई जाए तथा इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने सभी समितियों में 30 अक्टूबर से पूर्व आमसभा अनिवार्य रूप से करवाने के निर्देश दिए। साथ ही, ऑडिट और आमसभा का डेटा मासिक रूप से तैयार करने के भी निर्देश दिए। दक ने निर्देश दिए कि संस्थाओं के पंजीयन बिना किसी देरी और परेशानी के होने चाहिए। इस संबंध में निरन्तर फीडबैक लिया जाए और शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने सभी जिला उप रजिस्ट्रार को क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों का भी नियमित रूप से निरीक्षण कर उनकी ऑडिट व आमसभा तथा नियमों की पालना सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए। सहकारिता मंत्री ने सूचनाएं प्राप्त करने के लिए सभी जिलों में नोडल अधिकारी नियुक्त करने, अधिक से अधिक संख्या में नई सहकारी समितियों का गठन करने तथा गोदाम निर्माण हेतु जमीन चिन्हित कर आवंटन करवाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि विकास बैंकों के ऋणी सदस्यों के लिए संचालित की जा रही एकमुश्त समझौता योजना से अधिक से अधिक पात्र ऋणियों को लाभान्वित किया जाए। उन्होंने मंत्री कार्यालय के समक्ष लंबित जनसुनवाई के प्रकरणों की अनुभागवार विस्तार से समीक्षा करते हुए उनके निस्तारण में गति लाने के भी निर्देश दिए। सहकारिता विभाग की शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां आनन्दी ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी एमएसपी खरीद को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखें। उन्होंने कहा कि फील्ड अधिकारियों को प्रतिदिन बताया जाएगा कि उन्हें किस खरीद केंद्र की चेकिंग करनी है। क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के मैनेजर हर वक्त मुख्यालय पर उपस्थित रहेंगे। किसी भी प्रकार की शिकायत पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने धारा 55 और 57 के प्रकरणों के निस्तारण में गति लाने एवं जिन प्रकरणों में स्टे है उनसे स्टे हटवाकर अग्रिम कार्यवाही के निर्देश दिए। राजफेड के प्रबंध निदेशक बचनेश कुमार अग्रवाल के बताया कि इस बार किसी भी खरीद केंद्र पर दो हजार से ज्यादा टोकन नहीं होंगे। खरीद 25 मार्च से शुरू होगी, जिसके लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। खरीद केंद्रों की संख्या में वृद्धि के लिए जिला उप रजिस्ट्रारों से प्रस्ताव भिजवाने को कहा गया है। बैठक में सभी फंक्शनल अधिकारी, शीर्ष सहकारी संस्थाओं के अधिकारी, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (खण्ड), जिला प्रभारी अधिकारी, क्षेत्रीय अधिकारी, राजफेड एवं जिला उप रजिस्ट्रार एवं उपस्थित रहे।

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