जयपुर। सांख्यिकी विभाग द्वारा 20वें सांख्यिकी दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय समारोह का आयोजन जिला कलक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत के महान सांख्यिकीविद् प्रो. पी.सी. महालनोबिस के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। जिला कलक्टर संदेश नायक ने इस अवसर पर जिला स्तरीय सतत् विकास लक्ष्य-2026 पुस्तिका का विमोचन किया तथा जिला एवं ब्लॉक स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले सांख्यिकी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि केवल डेटा का संकलन ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि उसका गुणवत्तापूर्ण संकलन, विश्लेषण एवं प्रभावी उपयोग बेहतर नीतियों के निर्माण का आधार है। उन्होंने कहा कि जनगणना-2027 जैसे महत्वपूर्ण सर्वेक्षणों में गुणवत्तापूर्ण डेटा संकलन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। ग्रामीण क्षेत्रों की छोटी-छोटी गतिविधियों को भी सर्वेक्षण में समुचित रूप से शामिल किया जाना आवश्यक है, जिससे विकास योजनाओं का निर्माण अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि जितना सटीक और विश्वसनीय डेटा होगा, नीति निर्माण उतना ही बेहतर होगा और देश की प्रगति को नई दिशा मिलेगी। समारोह में 20वें सांख्यिकी दिवस की थीम Unlocking the Potential of Administrative Data पर राजस्थान विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रो. जगदीश प्रसाद ने प्रस्तुति देते हुए प्रशासनिक डेटा की गुणवत्ता, उपयोगिता तथा विभिन्न क्षेत्रों में उसके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की प्रगति के लिए विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण सांख्यिकीय आंकड़े अत्यंत आवश्यक हैं। जिला सांख्यिकी कार्यालय के सहायक निदेशक सोमदत्त मांडैया ने गुणवत्तापूर्ण डेटा संकलन एवं विश्लेषण के लिए सभी सांख्यिकी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आह्वान किया तथा कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों का आभार व्यक्त किया।

20वें सांख्यिकी दिवस समारोह में गुणवत्तापूर्ण डेटा संकलन एवं विश्लेषण पर दिया गया जोर,जितना सटीक और विश्वसनीय डेटा होगा, नीति निर्माण उतना ही बेहतर होगा— जिला कलक्टर
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