दौसा: शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी ने किया भरतपुर व दौसा जिलों का दौरा – मधुमक्खी पालन उत्कृष्टता केंद्र, प्रस्तावित फूड पार्क के प्रस्ताव एवं उच्च उद्यानिकी तकनीकों की समीक्षा

ram

जयपुर। शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी राजन विशाल ने गुरुवार को दौसा में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की उच्च तकनीकों का निरीक्षण किया एवं भरतपुर के हिंगोटा एवं खटोरी में फूडपार्क स्थल व निठार एवं मई गुर्जर में मधुमक्खी पालन उत्कृष्टता केंद्र के लिए स्थल चयन हेतु मौका निरीक्षण किया, जिसमें विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण भी मौजूद रहे।

भरतपुर जिले में मधुमक्खी पालन उत्कृष्टता केंद्र के लिए स्थल चयन
शासन सचिव राजन विशाल ने भरतपुर जिले की पंचायत समिति भुसावर के गांव मालपुरा में सांथा बॉर्डर के पास एवं मई गुर्जर का भ्रमण किया। यहां माननीय मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के तहत प्रस्तावित मधुमक्खी पालन उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना हेतु उपयुक्त स्थल चयन के लिए विभागीय अधिकारियों से बातचीत की। भ्रमण के दौरान हल्का पटवारी से मालपुर व निठार क्षेत्र में भूमि उपलब्धता की जानकारी ली तथा क्षेत्र में मधुमक्खियों के लिए पूरे वर्ष फ्लोरा की उपलब्धता की भी जानकारी ली गई।

नदबई के गांव खटौटी में फूड प्रोसेसिंग पार्क का अवलोकन
इसके बाद शासन सचिव द्वारा नदबई पंचायत समिति के गांव खटौटी में कृषि विपणन बोर्ड द्वारा तैयार किए जा रहे फूड प्रोसेसिंग पार्क का भी निरीक्षण किया गया।

दौसा जिले में वर्षा आधारित उच्च उद्यानिकी पद्धति का अवलोकन
शासन सचिव राजन विशाल ने दौसा जिले के नांगल राजावतान क्षेत्र के कोल्यावास गांव में कृषक सीताराम मीणा के खेत का भ्रमण किया, जहां अटल भूजल योजना के अंतर्गत वर्षा आधारित उच्च उद्यानिकी तकनीकों का मॉडल तैयार किया गया है।इस तकनीक के अंतर्गत वर्षा जल का संग्रहण कर फार्म पॉण्ड, सोलर पंप, पोलीहाउस, ड्रिप इरिगेशन, मिनी स्प्रिंकलर, मल्च, ग्रीनहाउस आदि आधुनिक तकनीकों के माध्यम से टिकाऊ खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषक मीणा ने बताया कि अटल भूजल योजना से उन्हें वर्षा जल संग्रहण द्वारा लाभ हुआ है और अब वे जैविक खेती कर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं।शासन सचिव ने अधिकारियों को किसानों को रासायनिक कीटनाशकों की जगह जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही हरी खाद, ढैंचा की फसल, नैनो यूरिया के उपयोग, उर्वरकों की जानकारी, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, किसान क्रेडिट कार्ड और सहकारी समितियों की भूमिका की भी जानकारी कृषक से ली।राजन विशाल ने दौरे के दौरान सरसों अनुसंधान केंद्र, मधुमक्खी पालन, एफपीओ एवम अटल बंद मंडी व भांडोंरा में प्रस्तावित मंडी का निरीक्षण किया। पीएमएफएमई लाभार्थियों से संवाद कर योजना की क्रियान्वित्ती का फीडबैक लिया एवं विभागीय अधिकारियों के साथ योजनाओं की समीक्षा की।उन्होंने उपस्थित कृषि पर्यवेक्षकों व अधिकारियों को विभागीय योजनाओं से संबंधित समुचित पंजिका संधारण के निर्देश भी दिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *