जयपुर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने गुरुवार को शासन सचिवालय में जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) व्यवस्था की साइबर सुरक्षा की समीक्षा की। इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक झालावाड़ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ‘ऑपरेशन शटर डाउन’ पर प्रस्तुतीकरण देकर साइबर अपराध के मामलों में की गई कार्रवाई और उससे मिले अनुभवों की जानकारी दी। मुख्य सचिव ने इन अनुभवों के आधार पर प्रमुख सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा तकनीकी प्रणालियों की नियमित सुरक्षा समीक्षा और अद्यतन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुरक्षित, पारदर्शी और सुचारु रूप से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचता रहे। मुख्य सचिव ने सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग को प्रदेश में संचालित प्रमुख प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजनाओं (डीबीटी) और उनसे जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म की समग्र सूची तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही अक्टूबर माह में व्यापक साइबर सुरक्षा कार्यशाला आयोजित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि इसमें प्रमुख सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म संभालने वाले अधिकारियों, तकनीकी एवं सेवा प्रदाताओं तथा साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों को शामिल किया जाए। अधिकारियों के लिए अलग-अलग विषयों पर तकनीकी सत्र भी आयोजित किए जाएं। जिला पुलिस अधीक्षकों को भी साइबर जागरूकता और रोकथाम से जुड़े प्रयासों में शामिल किया जाए। श्री श्रीनिवास ने प्रमुख सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म और उनसे जुड़े तकनीकी ढांचे की विशेषज्ञ जांच के लिए राष्ट्रीय महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र (एनसीआईआईपीसी) सहित केंद्र सरकार की संबंधित साइबर सुरक्षा संस्थाओं से समन्वय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक औपचारिक पत्राचार कर विशेषज्ञ सुझाव प्राप्त किए जाएं तथा राज्य और केंद्र स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा और आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने एसओजी को सरकारी योजनाओं से जुड़े साइबर अपराध के मामलों में जांच और आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रभावी कार्रवाई के साथ सरकारी डिजिटल प्रणालियों को लगातार मजबूत करना भी जरूरी है, ताकि योजनाओं और लाभार्थियों की सुरक्षा बेहतर बनी रहे। बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, आपदा प्रबंधन सूचना प्रणाली के माध्यम से दी जाने वाली सहायता तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़ी डिजिटल व्यवस्थाओं की सुरक्षा पर भी विचार-विमर्श हुआ। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के नोडल विभाग सहकारिता विभाग सहित संबंधित विभागों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म और लाभार्थी सत्यापन व्यवस्था को बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा की। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग को विभिन्न योजनाओं से जुड़े पोर्टल और तकनीकी व्यवस्था की नियमित सुरक्षा समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक झालावाड़ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ‘ऑपरेशन शटर डाउन’ की जानकारी दी। इसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आपदा प्रबंधन सूचना प्रणाली, सामाजिक सुरक्षा पेंशन तथा जन आधार से जुड़ी व्यवस्थाओं के संचालन और साइबर सुरक्षा से मिले अनुभवों को साझा किया गया। इस दौरान लाभार्थियों के आंकड़ों के नियमित सत्यापन, समय-समय पर सुरक्षा जांच तथा विभिन्न योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय जैसे उपायों पर चर्चा हुई, ताकि पात्र लाभार्थियों तक सहायता सही और सुचारु रूप से पहुंचती रहे। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह एवं आपदा प्रबंधन श्री भास्कर आत्माराम सावंत, पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता श्री दिनेश कुमार, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एस.ओ.जी. श्री विशाल बंसल, शासन सचिव सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार डॉ. रवि कुमार सुरपुर, शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार सहकारिता डॉ. समित शर्मा तथा संयुक्त शासन सचिव गृह विभाग श्रीमती अंजलि राजोरिया सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

जनकल्याणकारी योजनाओं के डिजिटल प्लेटफॉर्म की साइबर सुरक्षा होगी और सुदृढ़ – मुख्य सचिव
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