विधानसभा में शोकाभिव्यक्ति

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जयपुर। सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के पंचम सत्र में मंगलवार को सदन ने पूर्व मंत्री हेमसिंह भडाना तथा पूर्व विधायकगण रामलाल मेघवाल व हेत राम बेनीवाल के निधन पर शोक प्रस्ताव प्रस्तुत कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की । सदन में दिवंगत नेताओं के सार्वजनिक जीवन और उनके योगदान को स्मरण करते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की गई। पूर्व राज्य मंत्री हेमसिंह भडाना का जन्म 7 फरवरी, 1966 को अलवर जिले के भगेरी कलां ग्राम में हुआ था। उन्होंने एम.ए. एवं एल.एल.बी. की उपाधि प्राप्त की। वे तेरहवीं एवं चौदहवीं विधानसभा में थानागाजी निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक रहे। वे विधानसभा की पुस्तकालय समिति के सदस्य भी रहे। भडाना अक्टूबर, 2014 से दिसम्बर, 2016 तक राज्य सरकार में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे। इसके बाद दिसम्बर, 2016 से दिसम्बर, 2018 तक सामान्य प्रशासन, सम्पदा, मुद्रण एवं लेखन तथा राजस्थान स्टेट मोटर गैराज विभाग के मंत्री रहे। वे पंचायत समिति किशनगढ़ बास के प्रधान तथा राजकीय कला एवं विधि महाविद्यालय, अलवर के छात्रसंघ अध्यक्ष भी रहे। उनका 2 फरवरी, 2026 को निधन हो गया। पूर्व विधायक रामलाल मेघवाल का जन्म 7 अक्टूबर, 1944 को जालौर जिले के रेवतड़ा ग्राम में हुआ था। उन्होंने मिडिल तक शिक्षा प्राप्त की। वे तेरहवीं राजस्थान विधानसभा में जालौर निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विधायक रहे। विधानसभा में उन्होंने राजकीय उपक्रम समिति, अनुसूचित जाति कल्याण समिति, प्राक्कलन समिति ‘क’ एवं ‘ख’ तथा नियम समिति में सदस्य के रूप में कार्य किया। अपने सार्वजनिक जीवन में वे ग्राम पंचायत रेवतड़ा के सरपंच, सायला पंचायत समिति तथा जालौर जिला परिषद के सदस्य रहे। वे जिला कांग्रेस कमेटी, जालौर के उपाध्यक्ष तथा राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य भी रहे। उनका 28 जनवरी, 2026 को निधन हो गया। पूर्व विधायक हेत राम बेनीवाल का जन्म 10 जून, 1934 को पंजाब के सुखचेन ग्राम में हुआ था। उन्होंने डूंगर कॉलेज, बीकानेर से एम.ए. की उपाधि प्राप्त की। वे नौवीं राजस्थान विधानसभा में संगरिया निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के विधायक निर्वाचित हुए। विधानसभा में उन्होंने अधीनस्थ विधान संबंधी समिति, पुस्तकालय समिति, राजकीय उपक्रम समिति तथा संसदीय परामर्शदात्री समिति में सदस्य के रूप में कार्य किया। सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे बेनीवाल ने किसानों और मजदूरों के हितों के लिए कई आंदोलनों में भाग लिया और जेल यात्रा भी की। वे पार्टी संगठन में विभिन्न पदों पर भी रहे। उनका 23 फरवरी 2026 को निधन हो गया। सदन ने दिवंगत नेताओं के प्रति शोक व्यक्त करते हुए उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की तथा ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर सदन में सभी सदस्यों ने दो मिनट मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

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