जयपुर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने गुरुवार को ऊर्जा विभाग एवं राज्य की तीनों बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम्स) के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभाग की विभिन्न प्रमुख योजनाओं एवं परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी योजनाओं का निर्धारित समय-सीमा में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री कुसुम (पीएम-कुसुम) योजना, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, यूटिलिटी लेड एग्रीगेशन (यूएलए) मॉडल तथा अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। पीएम-कुसुम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। मुख्य सचिव ने पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत स्वीकृत सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्राप्त आवेदनों का शीघ्र निरीक्षण सुनिश्चित करते हुए पात्र लाभार्थियों को समय पर विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। यूएलए मॉडल की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि राज्य में रूफटॉप सोलर स्थापना के कार्यों में और अधिक गति लाई जा सके। बैठक में किसानों को मार्च 2027 तक प्रदेशभर में दिवसकालीन विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने की कार्ययोजना की भी समीक्षा की गई। वर्तमान में राज्य के 26 जिलों में किसानों को दिन के समय विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है तथा शेष जिलों में भी लक्ष्य के अनुरूप कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। बैठक में दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजस्थान सरकार के रेजिडेंट कमिश्नर रोहित कुमार शामिल हुए। वहीं बैठक में ऊर्जा सचिव एवं डिस्कॉम्स की अध्यक्ष सुश्री आरती डोगरा, जयपुर डिस्कॉम के निदेशक (तकनीकी) आर. के. शर्मा, जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक भंवर लाल, जोधपुर डिस्कॉम के निदेशक (तकनीकी) वी. के. छांगाणी, अजमेर डिस्कॉम के निदेशक (तकनीकी) सहित विभाग एवं तीनों डिस्कॉम्स के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

पीएम कुसुम, सूर्यघर योजना और दिवसकालीन विद्युत आपूर्ति की प्रगति की मुख्य सचिव ने की समीक्षा
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