मुख्य सचिव ने ली कंप्लायंस रिडक्शन एंड डी-रेगुलेशन फेज-2 की समीक्षा बैठक संबंधित विभागों 20 जून तक कार्य पूरा करने के दिए निर्देश

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जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को सचिवालय में ‘कंप्लायंस रिडक्शन एंड डी-रेगुलेशन फेज-2’ की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, राजस्व, वन एवं पर्यावरण, शहरी विकास, श्रम, विधिक माप विज्ञान, न्याय और उद्योग विभाग को संबंधित कार्य 20 जून तक संपन्न कर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। बैठक में इन विभागों में किए जाने वाले सुधारों पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में व्यापार में सुगमता और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘कंप्लायंस रिडक्शन एंड डी-रेगुलेशन फेज-2’ के तहत 16 विभागों से जुड़े कुल 28 प्राथमिकता क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं। इसमें भूमि उपयोग, भवन एवं निर्माण, यूटिलिटीज़ और विभिन्न अनुमतियां, विद्युत, पर्यावरण, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य से जुड़े उद्योग स्थापित करने से जुड़ी प्रक्रियाओं को और अधिक सरल बनाने पर जोर दिया गया है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) शिखर अग्रवाल ने बैठक में बताया कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित कुल 28 क्षेत्रों में से 8 को राज्य में लागू कर दिया गया है, जिसमें ऊर्जा, उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा और उद्योग विभाग, रीको, बीआईपी तथा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड शामिल हैं। साथ ही, 15 क्षेत्रों के लिए एक्शन प्लान बना लिया गया है, जिसमें 5 क्रियान्वित हो चुके हैं और 10 क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं।
अनावश्यक नियमों और प्रक्रियाओं को समाप्त करने का लक्ष्य
इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य अनावश्यक नियमों और जटिल प्रक्रियाओं को समाप्त कर नागरिकों, उद्योगों और उद्यमियों के लिए सुगम, पारदर्शी एवं प्रभावी व्यवस्था विकसित करना है। इससे कंप्लायंस रिडक्शन और डी-रेगुलेशन से सेवाओं की गति और गुणवत्ता में सुधार होगा तथा राज्य के प्रशासनिक और आर्थिक ढांचे में सकारात्मक बदलाव आएगा। साथ ही, व्यवसायों को बार-बार अनुमति लेने, दस्तावेज़ जमा करने और निरीक्षण संबंधी जटिलताओं से राहत मिलेगी। इससे विशेष रूप से स्टार्टअप्स, एमएसएमई और नए उद्यमियों को लाभ होगा तथा उनके समय, लागत और संसाधनों की बचत सुनिश्चित हो सकेगी। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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