छोटीखाटू। वर्तमान युग की परिस्थितियों पर नजर डाले तो देखने में आया है कि जहाँ नन्हे बच्चे अपना अधिकांश समय मोबाइल गेम देखने में ही व्यतीत करते है जिसके कारण अधिकाशत बच्चे मानसिक बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं वहीं “आरवी जोशी पुत्री रमेश जोशी बड़ला बाजार छोटी खाटू अपना अधिकांश समय मोबाइल की जगह रंगोली या अन्य मन चाही कलात्मक आकृतियाँ बनाकर अपने दादा -दादी का मन मोहित कर रही है। नन्ही बालिका अपने घर में मोबाइल का उपयोग बहुत कम करने दे रही है। यदि बच्चे आरवी का अनुसरण करे तो चिड़चिड़ापन जैसी बीमारियों बच सकते है। जहां सारे बच्चे मोबाइल देखने में मोबाइल गेम खेलने में लगे है इस मोबाइल युग में भी कुछ बच्चे अपने माता-पिता एवं दादा दादी की जागरूकता के कारण आज भी इस मोबाइल रूपी राक्षस से बचे हुए है। पवनकुमार जोशी ने बताया इस समय एक 3 वर्ष की नन्ही बच्चे आरवी जोशी यदि दादा दादी माता-पिता अभिभावक ध्यान दें और ऐसे खेल एवं खिलौने के प्रति यदि बच्चों का रुझान बढ़ा ये तो बच्चों को छोटी उम्र में अंधा होने से चिड़चिड़ा होने से मानसिक बीमार होने से बचा सकते हैं।

छोटीखाटू : मोबाइल युग में नन्ही बच्ची का कमाल
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