Category Archives: लेख

बिना छात्रों के स्कूल: शिक्षा की मौन त्रासदी...

हाल ही में देश में स्कूलों के संदर्भ में जारी किए गए आंकड़े हैरानी पैदा करने वाले हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी हालिया आंकड़ों के अनुसार देशभर में लगभग 7,993 स्कूलों में एक भी छात्र का नामांकन ...

राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करते हैं पटेल के विचार...

आज लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150 वीं जयंती है। यह दिन देश की एकता, अखंडता और बहुसांस्कृतिक विविधता को समर्पित है। सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में शुक्रवार को पूरे देश में एकता दौड़ का आयोजन किया जा रहा है। प्रधा...

आठवां वेतन आयोग : कर्मचारियों की खुशहाली और अर्थव्यवस्था की रफ़्त...

हाल ही में केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल,कैबिनेट ने 8वें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रिफरेंस को मंजूरी दी है। कहना ग़लत नहीं होगा कि दिवाली और छठ पूजा के त्योहारों के बाद केंद्र सरकार की ये घोषण...

गोपाष्टमी पर्व : अमृत समान है गाय का दूध, मूत्र और गोबर...

देश में हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को गोपाष्टमी का त्योहार मनाए जाने की परंपरा है। इस साल गोपाष्टमी 30 अक्टूबर को है। भारत में गाय को मां कहा जाता है और उसकी पूजा की जाती है। घरों में आज भी पहली रोटी गौ माता क...

बिहार में फिर गूंजा परिवारवाद का शंखनाद...

बिहार में परिवारवाद का भूत एक बार फिर हिलोरे लेने लगा है। राज्य की चुनावी सियासत इन दिनों परिवार और परिवारवाद के इर्द-गिर्द घूम रही है। राजनीतिक पार्टियों में परिवारवाद पर सियासी संग्राम छिड़ गया है। एक दूसरे पर परिवारवादी होने के ...

एसआईआर की सार्थक पहल का विरोध नहीं, स्वागत हो...

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बिहार के बाद अब देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष ग्रहण पुनरीक्षण (एसआईआर) की शुरुआत करने की घोषणा करके चुनाव विसंगतियों एवं कमियों को दूर करने का सराहनीय एवं साहसिक कार्य किय...

भारत में बेरोज़गारी का बढ़ता संकट...

भारत में बेरोज़गारी आज के समय की सबसे गंभीर सामाजिक-आर्थिक समस्याओं में से एक है। यह समस्या न केवल आर्थिक विकास की गति को प्रभावित करती है, बल्कि समाज की स्थिरता, युवाओं के भविष्य और मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डालती है। बेरोज...

दिल्ली में दम घोंटू जहरीली हवा हर साल मचाती है तबाही...

पराली जल रही है, लोगों का सांस लेना दूभर हो रहा है। देश की राजधानी दिल्ली की हवा अभी भी बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है। दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक, AQI एक बार फिर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है और यह कई जगहों का 400 से प...

एक पर्व नहीं है महापर्व है छठ पूजा...

दिवाली के बाद छठ पूजा का त्योहार बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस पर्व के दौरान घर से लेकर घाटों तक बेहद खास रौनक देखने को मिलती है। छठ पूजा की शुरुआत कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से होती है और समापन सप्तमी तिथ...

बिहार चुनाव : यह महासंग्राम है दीये और तूफ़ान का...

बिहार विधानसभा चुनाव अपने परवान पर है। एनडीए और महागठबंधन के बीच आक्रामक चुनावी जंग की बिसात बिछ गई है। सियासी पार्टियों ने चुनाव जीतने के लिए साम, दाम, दंड और भेद को अपना चुनावी हथियार बना लिया है। मुफ्त रेवड़ियों की बौछारों के बी...

सोशल मीडिया का दुरुपयोग और नए आईटी नियम एक विवेचन...

आज के इस आधुनिक और डिजिटल युग में सोशल मीडिया केवल संवाद और मनोरंजन का ही माध्यम नहीं रहा है, बल्कि यह जनमत निर्माण, राजनीतिक विमर्श और सामाजिक प्रभाव का सशक्त उपकरण बन चुका है, लेकिन कहना ग़लत नहीं होगा कि आज के समय में इसकी अनिय...

हवा को जहर बनाता दिल्ली का आत्मघाती प्रदूषण...

दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण एक बार फिर दुनिया की नजरों में भारत की राजधानी को शर्मसार कर रहा है। कभी संस्कृति, ऊर्जा और प्रगति की पहचान रही दिल्ली आज धुएं और धूल की चादर में लिपटी दिखाई देती है। हवा में घुला ज़हर इस हद तक बढ़ चुका है कि...

नए आईटी रूल्स: डिजिटल समाज में सुरक्षा और विश्वास की नई राह...

आज हमारे देश में जनरेटिव एआई(ऐसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) तकनीक है जो नई चीज़ें ‘बनाने’ की क्षमता रखती है- जैसे कि पाठ (टेक्स्ट), चित्र (इमेजेज), संगीत, वीडियो या कोड आदि) उपकरणों की बढ़ती उपलब्धता और इसके परिणामस्वरू...

वन क्षेत्र से आयी अच्छी खबर : भारत में लगातार बढ़ रहा है जंगल...

वन क्षेत्र से अच्छी खबर आयी है। संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन द्वारा जारी एक नई रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत कुल वन क्षेत्र में बढ़ोतरी के मामले में विश्व स्तर पर नौवें पायदान पर पहुंच गया है वहीं वार्षिक वन वृद्धि में ...

भाई दूज : भाई-बहन को समर्पित अनूठा, ऐतिहासिक एवं संवेदनात्मक त्यौ...

भ्रातृ द्वितीया (भाई दूज) कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाने वाला हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक पर्व है जिसे यम द्वितीया भी कहते हैं। यह दीपावली के दो दिन बाद आने वाला ऐसा पर्व है, जो भाई के प्रति...

बदलती दीवाली : दीप नहीं, प्रदर्शन की झिलमिल...

हमारा देश भारत त्योहारों का देश है, जहां हर पर्व केवल उत्सव ही नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन भी होता है। दीपावली(दीपो की आवलि यानी कि दीप-पंक्ति) उन्हीं में सबसे प्रमुख, बड़ा और पवित्र त्योहार है‌।संस्कृत में दीपावली का अर्थ होता है-&...

संस्कार और चरित्र निर्माण का पर्व है दीपावली...

बुराई पर अच्छाई, अंधकार पर प्रकाश तथा अज्ञान पर ज्ञान की विजय का त्योहार हैं दीपावली। दीपावली संस्कार और चरित्र निर्माण का पर्व है। तन-मन को प्रफुल्लित करने वाला यह पर्व हमारे जीवन में हजारों खुशियाँ प्रदान करता है। त्योहार जीवन क...

अमित शाह हैं संकटमोचन, संगठनशिल्पी और लौहपुरुष...

भारत की राजनीति में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो केवल पदों से नहीं, अपने कर्म, दृष्टि, दृढ़ता, संकल्प और राष्ट्रभावना से पहचान पाते हैं। अमित अनिलचंद्र शाह ऐसा ही एक नाम है-संघर्षों में तपे, संगठन के शिल्पी और राष्ट्र की सुरक्षा एवं एकत...

पापों से मुक्ति और आत्मिक शुद्धि का पर्व है नरक चतुर्दशी...

सनातन धर्म में नरक चतुर्दशी का त्योहार बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। दीपावली से एक दिन पहले नरक चतुर्दशी का त्योहार मनाया जाता है। इस साल यह त्योहार 19 अक्टूबर को मनाया जाएगा। नरक चतुर्दशी कई नामों से जानी जाती है। प्रत्येक नाम एक ...

चिकित्सा के देवता माने जाते हैं भगवान धन्वन्तरि...

धन्वन्तरि को हिन्दू धर्म में देवताओं के वैद्य माना जाता है। ये एक महान चिकित्सक थे जिन्हें देव पद प्राप्त हुआ। हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये भगवान विष्णु के अवतार समझे जाते हैं। इनका पृथ्वी लोक में अवतरण त्रयोदशी के दिन हु...

मुफ्त अनाज सहायता के चक्रव्यूह में फंसी भारत की गरीबी...

हर साल की भांति आज भी यानि 17 अक्टूबर को हम अन्तर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस मनाने जा रहे है। इस बीच कई बार गरीब की परिभाषा बदली मगर गरीबी उन्मूलन को पूरी तरह अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। इसके विपरीत भारत ने 80 करोड़ से अधिक की अ...

भूख की दुश्वारियां : विकसित देश निभाएं अपनी जिम्मेदारिया...

देश और दुनिया में भुखमरी एक बहुत बड़ी समस्या बन गई है। आबादी विस्फोट के साथ भुखमरी का आंकड़ा भी बेहद चिंताजनक स्थिति में दिन-प्रतिदिन लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इसी समस्या से निपटने के लिए विश्व खाद्य दिवस 16 अक्टूबर को मनाया जाता ...

भारत ने पकड़ी ई-कॉमर्स की रफ़्तार : ऑनलाइन बाजार हुए गुलज़ार...

देश और दुनिया में इस समय ई-कॉमर्स यानी कि इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स सुर्खियों में है। यह ऑनलाइन व्यापार करने का एक तरीका है। इसके अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के द्वारा इंटरनेट के माध्यम से वस्तुओं और सेवाओं की खरीद-बिक्री की जाती है। इस...

बिहार चुनाव : लालू के घोटाले ने बेटे तेजस्वी की राह में बिखेरे का...

दिल्ली की एक अदालत द्वारा लालू यादव परिवार पर नौकरी के बदले जमीन सम्बन्धी एक बहुचर्चित मामले में धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार समेत अन्य धाराओं के तहत आरोप तय करने से बिहार विधान सभा चुनाव से पहले ही महागठबंधन पर संकटों के बादल छा गए है। ब...

धौंस-धमकान की नीति ट्रंप के लिए होगी आत्मघाती...

धमकाने और धौंस की नीति पर चल रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी झूठी चौधराहट और खनिजों के चक्कर में लगता है दुनिया के देशों में अमेरिकी विरोधियों की बड़ी फौज ही तैयार करते जा रहे हैं। शांति के नोबल पुरस्कार का ट्रंप का सपना ...

दीपावली पर मिलावटियों के हौसले बुलंद...

दशहरा पर्व के बाद अब देशभर में दीपावली के त्योहार की जोरदार तैयारियां चल रही है। दीपों का पर्व आने में चंद दिन बचे हैं। दीपावली देश का सबसे बड़ा त्योहार है। इस अवसर पर गरीब और अमीर सभी वर्ग के लोग अपने सामर्थ्य के अनुरूप घर की साफ ...

क्यों डोनाल्ड ट्रंप रह गए नोबेल शांति पुरस्कार से दूर?...

डोनाल्ड ट्रंप का नाम 2025 के नोबेल शांति पुरस्कार के संभावित दावेदारों में शामिल जरूर था, मगर अंततः यह पुरस्कार वेनेज़ुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो के नाम हो गया। भले ही इस बार का नोबेल शांति पुरस्कार ट्रंप से छिन गया, ...

बिहार में रेवड़ी सरकार का बोलबाला...

बिहार में चहुंओर मुफ्त की बारिश हो रही है, जिसे देखकर लगता है चाहे किसी पार्टी की सरकार बने मगर बनेगी तो रेवड़ी सरकार ही। राजनैतिक पार्टियों द्वारा मत हासिल करने के लिए राजकीय कोष से मुफ्त सुविधाएं देने की लगातार घोषणाओं से चुनावी ...

मायावती का नया आगाज क्या होगा अंजाम ?...

प्रदेश की राजनीति में नए क्षितिज उभर रहे हैं। राज्य विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सत्ता और विपक्ष अपनी-अपनी कमर कसता दिख रहा है। हालांकि अभी चुनाव में वक्त है, लेकिन राजनैतिक दल माहौल बनाना शुरू कर दिया है। भाजपा जहां सत्ता खोना नही...

बेटियों को चाहिए शिक्षा, समानता और सुरक्षा...

अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस हर साल 11 अक्टूबर को मनाया जाता है ताकि बालिकाओं के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके अधिकारों के संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके। दुनियाभर में महिलाओं के प्रति बढ़ते अत्याचारों और असमानताओं जैस...

मानसिक स्वास्थ्य को तरोताजा रखती है शारीरिक गतिविधियां...

संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस हर साल 10 अक्टूबर को मनाया जाता है ताकि लोगों के बीच जागरूकता फैलाई जा सके। इस साल की थीम मन का महत्व: भावनात्मक मजबूती का निर्माण रखी गया है। इस थीम का जन साधारण को यह समझाना है ...

प्रेम, विश्वास और अटूट बंधन का पर्व: करवा चौथ...

सनातन भारतीय संस्कृति में तीज-त्योहारों का प्रमुख व बड़ा स्थान है। कार्तिक का महीना इस दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है। पाठकों को बताता चलूं कि प्रतिवर्ष कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सुहागिनों द्वारा करवा चौथ का ...

आम आदमी के हौसले की उड़ान बने मुंशी प्रेमचंद...

आज उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की पुण्य तिथि है। लम्बी बीमारी के बाद उनका निधन 8 अक्टूबर 1936 को जलोधर रोग से हो गया था। ग्रामीण जन जीवन के चितेरे लेखक मुंशी प्रेमचंद की रचनाएं आज भी न केवल प्रासंगिक है अपितु हिंदी साहित्य की अम...

बदलाव एवं विकास की राह ताकता बिहार चुनाव...

बिहार में चुनावी रणभेरी बज चुकी है। मतदान की तिथियों की घोषणा के साथ ही लोकतंत्र का यह महायज्ञ आरंभ हो चुका है, जिसमें करोड़ों मतदाता दो चरणों में दिनंाक 6 और 11 नवंबर को अपने मत के माध्यम से राज्य की दिशा और दशा दोनों तय करेंगे। इ...

मौत का सिरप: जवाबदेही से भागता तंत्र !...

नकली दवाएं बनाना और बेचना केवल अपराध नहीं, पाप है।यह वह कुकर्म है जो जीवन देने के नाम पर मृत्यु बाँटता है।लाभ की लालसा जब संवेदनाओं पर भारी पड़ती है, तब इंसानियत मर जाती है।बीमार की आशा को छलना मानवता का सबसे बड़ा अपमान है।ऐसे स्व...

हजार बुराइयों की जड़ है दारू...

देश में हर वर्ष दो से आठ अक्टूबर तक मद्य निषेध सप्ताह के आयोजन की औपचारिकता का निर्वहन किया जाता है। इस अवसर पर पोस्टर, प्रदर्शनी, भाषण, मौखिक वार्ता ,विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित कर छात्रों और आम जनों को शराब की बुराइयों से अवगत ...

पशु संरक्षण की चुनौतियां...

दुनिया भर में हर साल चार अक्टूबर को विश्व पशु कल्याण दिवस के रूप में मनाया जाता है। हमारे देश में पशु संरक्षण की सुदीर्घ और स्वस्थ परम्परा रही है जिसका निर्वहन हम आदिकाल से कर रहे है। यह दिवस जानवरों से प्रेम करने वाले और उन्हें स...

स्वदेशी एवं स्वावलम्बन ही नये भारत का आधार...

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना महोत्सव यानी प्रत्येक वर्ष विजयदशमी के अवसर पर संघ प्रमुख का उद्बोधन एक नए संदेश और नये दृष्टिकोण के साथ सामने आता है, इस उद्बोधन का पूरा राष्ट्र इंतजार करता है। इस बार संघ प्रमुख मोहन भागवत ने क...

सत्य की जीत का सन्देश देता है दशहरा...

भारत एक विविधताओं से भरा देश है जहाँ अनेक धर्मों और संस्कृतियों के लोग साथ रहते हैं। यहां साल भर अनेक त्योंहार मनाए जाते हैं जो न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक भी होते हैं। इन्हीं ...

लोक आस्था, बहुरंगी संस्कृति के प्रतीक त्योहार और मेले...

देश में दशहरे मेले के साथ मेले ठेलों की शुरुआत हो गई है। भारत मेलो और तीज त्योहारों का देश है। यहाँ दुनियाँ के सबसे ज्यादा त्योहार मनाये जाते है। यहीं पर दुनियाँ में सबसे ज्यादा मेलो का आयोजन होता है। इनमे से कुछ मेले तो दुनिया के...

युद्धोन्मादी दौर में गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक...

गांधी जयंती, 2 अक्टूबर को देशभर में प्रार्थना सभाओं, विभिन्न कार्यक्रमों के साथ राजधानी दिल्ली में गांधी प्रतिमा के सामने श्रद्धांजलि अर्पित कर मनाई जाती है। महात्मा गांधी की समाधि पर राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री सहित बड़े बड़े नेता प्...

गांधी और गांधी विचार को कुचलने की कुचेष्टाएं कब तक?...

लंदन के प्रसिद्ध टैविस्टॉक स्क्वायर में महात्मा गांधी की 57 साल पुरानी कांस्य की प्रतिमा पर हुआ हमला केवल एक मूर्ति को क्षतिग्रस्त करने की घटना भर नहीं है, बल्कि यह गांधी के अस्तित्व, उनके विचार और भारत की आत्मा पर आघात है। गांधी ...

वृद्ध बोझ नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और मूल्यों के संरक्षक हैं...

संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के रूप में घोषित किया है। इस दिवस का उद्देश्य वृद्धों के अधिकारों, उनकी गरिमा और उनके योगदान को रेखांकित करना है। यह दिन हमें यह सोचने को विवश करता है कि जीवन के इस अ...

रोजगार का भविष्य : इंसान बनाम आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस...

आज विज्ञान और तकनीक का युग है।विज्ञान और तकनीक के इस युग ने मनुष्य को बहुत कुछ दिया है और एआइ भी निश्चित रूप से इनमें से एक है। कहना ग़लत नहीं होगा कि आज हम सभी एआइ(आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जमाने में सांस ले रहे हैं और वर्तमान स...

भीड़ हादसों और त्रासदियों का सिलसिला कब थमेगा?...

तमिलनाडु के करूर में तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) प्रमुख और सुपर अभिनेता से नेता बने विजय की चुनावी रैली के दौरान मची भगदड़ दुर्भाग्यपूर्ण होने के साथ स्तब्ध करने एवं पीड़ा देने वाली भी है। विजय की रैली में एक बार फिर भीड़ की बेकाबू उ...

लोकतंत्र और अर्थतंत्र का बेड़ा गर्क कर रही है रेवड़ी संस्कृति...

जैसे जैसे चुनाव नजदीक आते है वैसे वैसे राजनीतिक पार्टियां अपने सिद्धांत और विचार त्याग कर जीत हासिल करने के लिए सभी प्रकार के जायज नाजायज हथकंडे अपनाना शुरू कर देती है। रेवड़ी संस्कृति लोकतंत्र और अर्थतंत्र का बेड़ा गर्क कर रही है...

घर घर गूंजेगा संघ का सामाजिक जागरण का शंखनाद...

देश और दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का आगामी विजयादशमी से शताब्दी वर्ष शुरू हो रहा है। शताब्दी वर्ष के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विश्व का सबसे बड़ा गृह सम्पर्क अभियान शुरू करेगा। इस अवसर पर संघ क...

टाइगर ऑफ स्काई की गौरवपूर्ण विदाई...

चण्डीगढ़ के एयरबेस से मिग-21 की आखरी उड़ान के साथ मिग की विदाई केवल एक सुपरसोनिक फाइटर की विदाई नहीं है अपितु भारतीय वायु सेना के फाइटर बेडे से मिग की गौरवशाली अतीत की विदाई है। अपनी गति, शक्ति और मारक क्षमता के कारण नाम से ही दुश...

पर्यटन का खजाना है भारत

विश्व पर्यटन दिवस हर साल 27 सितंबर को दुनिया भर में मनाया जाता है। पर्यटन दिवस मनाने का अर्थ है अधिक से अधिक जगह पर घूमने जायें, वहां सुन्दर और मन को मोह लेने वाले स्थलों का आनंद लें। इन सुन्दर यादों को सहेजकर रखने से बहुत कुछ सीख...

जीवनधारा नदियों के लुप्त होने का खतरा: संरक्षण का संकल्प...

नदियां मात्र जलधाराएं नहीं हैं, वे जीवन की धमनियां हैं, सभ्यता की जननी हैं और प्रकृति का शाश्वत उपहार हैं। मानव सभ्यता का इतिहास गवाह है कि हर संस्कृति और हर महान नगरी का उदय नदियों के तट पर हुआ। गंगा, सिंधु, नील, अमेज़न, यांग्त्सी...

विश्व पर्यटकों के लिये अनंत संभावनाओं का देश है भारत...

विश्व पर्यटन दिवस- 27 सितम्बर, 2025 इस बात का स्मरण कराता है कि पर्यटन केवल मनोरंजन का साधन भर नहीं है, बल्कि यह किसी भी राष्ट्र की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति का आधार स्तंभ है। इस वर्ष की थीम कुछ स्रोतों में ‘पर्यटन और ह...

त्योहारी सीजन शुरू होते ही मिलावटियों की पौ बारह...

देश में नवरात्र से त्योहारी सीज़न शुरू हो गया है। दीपावली तक त्योहारों की धूम रहेगी। त्योहार आये और मिलावटिये सक्रीय न हो, ऐसा हो नहीं सकता। अब तो मिलावट और त्योहार का लगता है चोली दामन का साथ हो गया है। हालांकि देशभर में मिलावटियो...

भाजपा के वैचारिक मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत पंडित दीनदयाल उपाध्या...

आज एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 109 वीं जन्म जयंती है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर, 1916 को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के नगला चंद्रभान नामक गांव में हुआ था। जनसंघ के पितृ पुरुष प. दीनदयाल उपाध्...

शक्ति और साहस का पर्व है नवरात्रि...

नवरात्रि का मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा और आराधना के लिए समर्पित है जिन्हें शक्ति, साहस, और नारी सशक्तिकरण का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि का अर्थ है ‘नौ रातें’, और इस दौरान भक्त देवी दुर्गा की विशेष पूजा करते हैं,...

पीएम मोदी के 11 साल पूरे, 4 दशक में सबसे लंबे समय तक रहने वाले प्...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कई गुणों की चर्चा अक्सर की जाती हैं। मोदी ऐसे प्रधानमंत्री बन गए जो विगत 4 दशक से सबसे ज्यादा लंबे समय तक लगातार रहने वाले प्रधानमंत्री हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने कई महत्वपूर्ण निर्ण...

संघ का शताब्दी वर्ष : आपातकाल के संघर्ष के महारथी बने बदलाव के सा...

देश में 25 जून 1975 को जबरिया आपातकाल लागू कर लाखों विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को जेलों में डाल दिया गया था। 21 महीनों का यह काला दौर संविधान के विध्वंस, नागरिक अधिकारों के उल्लंघन, प्रेस पर पाबंदी और विपक्ष के नेताओं की गिरफ्...

सेहत के लिए वरदान आयुर्वेद को मिली वैश्विक पहचान...

भारत सरकार ने हर वर्ष 23 सितम्बर को आयुर्वेद दिवस मनाने का फैसला किया है। इससे पूर्व यह दिवस धनतेरस के दिन मनाया जाता था। आयुर्वेद की वैश्विक पहचान कायम करने के लिए यह निर्णय लिया गया बताया। इस वर्ष की थीम आयुर्वेद जन जन एवं पृथ्व...

अमेरिकी आत्मघाती वीजा बंदिशें, भारत के नये अवसर...

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर के पेशेवरों, खासकर भारतीयों के सपनों पर एक नई काली छाया डाल दी है, उनके सपनों को चकनाचूर कर दिया है एवं एक बड़ा संकट खड़ा दिया है। 21 सितंबर की रात 12 बजे के बाद अमेरिका में प्रवेश करने ...

प्रकृति संरक्षण हमारे सुनहरे भविष्य का आधार है...

आजकल जलवायु से सम्बंधित विषयों जैसे प्रकृति, पर्यावरण, पृथ्वी, जीव जंतु, वनस्पति, पेड़-पौधे आदि आदि पर विभिन्न देशी और वैश्विक शोध रिपोर्टों से अखबार भरे मिलते है। लगभग हर रिपोर्ट में जलवायु में बदलाव के खतरों से लोगों को निरंतर सा...

अल्ज़ाइमर: स्मृति हृास की वैश्विक चुनौती...

मस्तिष्क और स्मृति की उपेक्षा से बढ़ रहा स्मृति लोप का रोग दुनिया की एक बड़ी गंभीर समस्या हैं। याददाश्त हर उम्र के व्यक्ति के लिए सबसे बड़ी पूंजी है। तेज़-तर्रार और तनावग्रस्त जीवन ने शरीर और आत्मा दोनों को उपेक्षित कर दिया है। अल्ज़ाइ...

भारत में डिजिटल सुनामी : जेन-जी हो गए इंटरनेट लवर्स...

देश में इंटरनेट का उपयोग करने वालों की संख्यां में रिकार्ड बढ़ोतरी के साथ आज के डिजिटल युग में, यह अत्याधुनिक विधा हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन गई है। बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, सोशल मीडिया, और ऑफिस वर्क जैसी गतिविधियां पूरी तरह इं...

पाकिस्तान को सऊदी अरब का साथ, भारत के लिए कितना चिंताजनक?...

पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हाल ही में हुआ सामरिक पारस्परिक रक्षा समझौता दक्षिण एशियाई राजनीति और भारत–सऊदी रिश्तों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। 17 सितंबर 2025 को सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और पाकिस्तानी प्रधा...

कीटों की घटती प्रजातियां: इको-सिस्टम को खतरा !...

हाल ही में एक प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक में एक खबर पढ़ी।खबर थी कि-‘पिछले 150 वर्षों में लाखों कीट प्रजातियां लुप्त हो चुकी है और हर साल शेष कीट बायोमास का 1% से 2.5% तक नष्ट हो रहा है।’ बड़ी बात यह है कि इन कीटों का पतन स...

मोदी-ट्रंप के सार्थक संवाद से क्या राह बदलेगी?...

नई दिल्ली में भारत-अमेरिकी व्यापार वार्ता की बाधाओं को दूर करने पर दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक बातचीत के दौरान करीब तीन महीने बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को फोन करके जन्मदिन की बधाई देते हु...

बिहार में हर चौथा नेता है वंशवाद का प्रोडेक्ट...

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की एक ताज़ा रिपोर्ट में राजनीति में परिवारवाद का खुलासा कर आम आदमी को एकबार फिर चौंका दिया है। रिपोर्ट के अनुसार देश में 5204 सांसद, विधायक और विधान पार्षदों में से 21 प्रतिशत राजनीतिक परिवारों से...

आतिशबाजी रहित उत्सवों की परम्परा का सूत्रपात हो...

पर्यावरण संकट हमारे समय की सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों की लगातार हो रही क्षति ने जीवन को असहज और असुरक्षित बना दिया है। यह संकट किसी दूर के भविष्य की चिंता नहीं है, बल्कि हमारे र...

निर्माण और शिल्पकला के देवता भगवान विश्वकर्मा...

भगवान विश्वकर्मा को निर्माण एवं सृजन का देवता माना जाता है। हिंदू धर्म में इन्हें सृष्टि के दिव्य शिल्पकार, देवताओं के वास्तु विशेषज्ञ और पहले इंजीनियर के रूप में पूजा जाता है। विश्वकर्मा रचनात्मकता, तकनीकी कौशल और नवाचार के प्रती...

भारत में सड़क हादसों की महामारी: किसकी जिम्मेदारी?...

सड़क पर चलते समय सतर्क रहना और नियमों का पालन करना जीवन बचाने के लिए बेहद जरूरी है। सड़क सुरक्षा का उद्देश्य दुर्घटनाओं को रोकना और सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।यही कारण है कि सड़क पर सुरक्षा के लिए कानून के तहत याता...

जनरेशन जेड को सफल होना है तो उसे सतर्क रहना होगा...

नेपाल में जो उग्र आंदोलन हुआ उसमें जनरेशन जेड की बहुत बड़ी भूमिका रही है। हालांकि इसने भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर जो आंदोलन किया था वह काफी हिंसक हो गया था। आंदोलन के उग्र और हिंसक रूप को देखकर लग रहा था...

पृथ्वी और पर्यावरण का सुरक्षा कवच है ओजोन परत...

विश्व ओज़ोन दिवस हर साल 16 सितंबर को मनाया जाता है। ओजोन परत के बारे में सामान्यत लोग ज्यादा नहीं जानते है। ओजोन परत ओजोन अणुओं की एक परत है। ओज़ोन परत पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाती है। इस दिन का उद्देश्य ओ...

राष्ट्रभाषा हिंदी : विकास एवं संभावनाएं...

भारत एक बहुभाषा-भाषी राष्ट्र है। यदि हम भारत के भाषिक अतीत पर दृष्टिपात करें तो देखेंगे कि भारत में दो परिवारों की भाषाएँ बोली जाती है-आर्य-भाषा परिवार और द्रविड़ भाषा परिवार, किन्तु परवर्ती युगों में जन-भाषाओं का विकास होता गया औ...

हिंदी दिवस जरूर मनाएं मगर वास्तविकता से मुंह नहीं मोड़े...

महात्मा गाँधी ने भारत में हिंदी को जनभाषा बताया था। राष्ट्रभाषा बनाने की पहल भी की थी। आजादी के बाद राजभाषा का दर्जा भी मिला। यह सही है कि हिंदी भारत में सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषा है मगर अंग्रेजी के मुकाबले यह भाषा आज दोयम द...

न्यूज चैनलों पर नफरती बयान : प्रिंट मीडिया की साख आज भी कायम...

हमारा पड़ोसी देश नेपाल सोशल मीडिया से उत्पन्न हिंसक क्रांति की आग से सुलग रहा है। नेपाल में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और हिंसा को लेकर भारत का सियासी पारा भी हाई है। वहीं हमारे यहां के बयानवीर नेता भारत में भी अपने बयानों के जरिये आ...

हिंदी की वैश्विक स्वीकार्यता के बावजूद देश में उपेक्षा क्यों?...

हिंदी दिवस केवल एक औपचारिक आयोजनात्मक अवसर नहीं, बल्कि हमारी भाषाई अस्मिता राष्ट्रीयता और सांस्कृतिक आत्मगौरव का प्रयोजनात्मक प्रतीक है। विश्व की सर्वाधिक बोली जाने वाली तीसरी भाषा के रूप में हिंदी विश्व की उन चुनिंदा भाषाओं में स...

सी.पी. राधाकृष्णनः एक नये अध्याय की शुरुआत...

भारत के अगले उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए संसद के दोनों सदनों के सांसदों ने अपने वोट डालें। सत्तारूढ़ एनडीए के उम्मीदवार तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सीपी राधाकृष्णन ने विपक्ष के उम्मीदवार वरिष्ठ अधिवक्ता बी सुदर्शन रेड्डी को पर...

कुपोषण का बदलता स्वरूप: मोटापे की चुनौती !...

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) की हालिया एक रिपोर्ट के अनुसार, अब दुनिया भर में बच्चों और किशोरों में कम वजन (कुपोषण) की तुलना में मोटापे की समस्या अधिक गंभीर हो गई है। यह पहली बार हुआ है, जब मोटापा कुपोषण के सबसे सामान्य रूप क...

नहीं रुक रही बारिश और नहीं थम रहा सर्पों का डसना...

बरसात खुशियों के साथ आपदाओं से भी रू-ब-रू कराती है। इनमें एक आपदा सर्पदंश की भी है। राजस्थान के पाली शहर में रविवार को सर्पदंश की एक लोमहर्षक घटना से लोग सकते में है। घटना के अनुसार पाली के शेखों की ढाणी की 25 साल की एक युवती अफसा...

निराशा से आशा की ओरः आत्महत्या के खिलाफ जंग...

दुनिया में आत्महत्या आज एक गहरी एवं विडम्बनापूर्ण वैश्विक चुनौती बन चुकी है। हर साल लाखों लोग अपनी ही जिंदगी से हार मान लेते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर साल लगभग 7.2 लाख लोग आत्महत्या करते हैं। यह सिर्फ व्यक्तिगत त्रास...

बिहार चुनाव करेंगे कांग्रेस और राहुल की सियासी संजीवनी का फैसला...

इसमें कोई दो राय नहीं है कि कांग्रेस के सर्वमान्य नेता राहुल गांधी अपनी और पार्टी की साख बचाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे है। सियासत के जानकारों का मानना है बिहार के चुनाव कांग्रेस को सियासी संजीवनी देने का फैसला करेंगे। हाल ही राहुल...

प्रकृति की नाराजगी को नहीं समझा तो मानव अस्तित्व खतरे में...

प्रकृति अपनी उदारता में जितनी समृद्ध है, अपनी प्रतिशोधी प्रवृत्ति में उतनी ही कठोर है। जब तक मनुष्य उसके साथ तालमेल में रहता है, तब तक वह जीवन को वरदान देती है, जल, जंगल और जमीन के रूप में। लेकिन जैसे ही मनुष्य अपनी स्वार्थपूर्ण म...

श्रद्धा से जुड़ती है आत्मा – पितृ पक्ष का संदेश !...

हमारी भारतीय संस्कृति दुनिया की सबसे प्राचीन और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं में से एक मानी जाती है। इसमें धर्म, दर्शन, जीवन मूल्य, सामाजिक संरचना, पारिवारिक संबंध और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का विशेष स्थान है। भारतीय समाज में परिवा...

डिजिटल युग में साक्षरता और विकास के मायने...

साक्षरता या शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए हर साल 8 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के रूप में मनाया जाता है। साक्षरता दिवस 2025 की थीम डिजिटल युग में साक्षरता को बढ़ावा देना है। यह थीम डिजिटल तकनीक क...

भारत में 10.6 प्रतिशत वयस्क मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित !...

आज पूरी दुनिया मानसिक स्वास्थ्य संकट से गुजर रही है। आपा-धापी व भागम-भाग भरी इस जिंदगी में हर कोई व्यक्ति कहीं न कहीं तनाव, अवसाद झेल रहा है।कहना ग़लत नहीं होगा कि सामाजिक दबाव, डिजिटल निर्भरता और आर्थिक असुरक्षा ने मानसिक स्वास्थ...

मातृत्व का अपमानः बिहार की राजनीति पर असर...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माताजी के संबंध में कांग्रेस और राजद के मंच से जो अभद्र व अशालीन शब्द कहे गए, उसने न केवल राजनीतिक वातावरण को कलंकित किया है, बल्कि पूरे देश की संवेदनाओं को भी आहत किया है। भारत में माँ केवल एक परिवार ...

संस्कार और चरित्र निर्माण की पाठशाला है परिवार...

परिवार के सम्बन्ध में देशभर से मिल रही ख़बरे बेहद चिंताजनक है। परिवार को हमारे समाज में सामाजिक और सार्वभौमिक संस्था के रूप में स्वीकारा गया है। अनुशासन, आपसी स्नेह और भाईचारा तथा मर्यादा, परिवार को एक खुशहाल परिवार बना देता है। बु...

जीएसटी का नया दौर: कराधान व्यवस्था क्रांति की ओर...

भारतीय कराधान व्यवस्था में जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) का आगमन एक ऐतिहासिक एवं क्रांतिकारी कदम था। इसने अप्रत्यक्ष करों के जटिल और उलझे जाल को जहां सरल बनाने का प्रयास किया, वहीं शासन एवं प्रशासन में पसरे भ्रष्टाचार एवं अफसरशाही को...

भारत का सेमीकंडक्टर बाज़ार 100 बिलियन डॉलर से अधिक होने का अनुमान...

2 सितंबर 2025 मंगलवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पहली स्वदेशी चिप, जो कि देश की पहली 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर चिप, जिसे ‘विक्रम’ नाम दिया गया है है, सौंपी है। गौरतलब है क...

शिक्षक ज्ञानवान ही नहीं, चरित्रवान पीढ़ी का निर्माण करें...

शिक्षक ही सभ्यता और संस्कृति के असली शिल्पी होते हैं। विज्ञान, तकनीक और राजनीति चाहे जितनी प्रगति कर लें, यदि शिक्षा और शिक्षक दिशा न दें तो मानवता दिशाहीन हो जाती है। इसी कारण 5 सितम्बर को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाने की परंपरा आर...

पाप कर्म से बचा हुआ है वही सच्चा ब्राह्मण है...

इतिहास ब्राह्मणों के स्वाभिमान से भरा पड़ा है। मगर ब्राह्मण कौन है इस पर लगातार चर्चा और मंथन होता रहता है। जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निरंजन देव तीर्थ और स्वामी करपात्री जी 1972 में एक बार मेरे गांव चूरू [ राजस्थान ] आये तब इस विषय...

उम्मीदों की चीप से हौसलों की उड़ान भरता भारत...

भारत ने तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नया इतिहास रचते हुए अपना पहला पूर्णतया स्वदेशी 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर तैयार कर एक तकनीकी क्रांति को आकार दिया है। यह उपलब्धि न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि राष्ट्रीय गौरव ...

विधायिका : गरिमा और हंगामे का कड़वा सच...

राजस्थान विधानसभा के चौथे सत्र का पहला ही दिन सोमवार को हंगामे की भेंट चढ़ गया। दिल्ली की तर्ज़ पर राज्यों में भी कांग्रेस और सहयोगी दलों का एक सूत्री प्रोग्राम भाजपा शासित राज्यों में निर्वाचित सदनों को ठप्प करना है। ऐसा लगता है का...

एसआईआर की प्रक्रिया जारी रहने का आदेश स्वागतयोग्य...

बिहार में चुनाव आयोग की ओर से शुरू की गई मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया लगातार चर्चा में है। जहां एक तरफ इसे लेकर शुरू की गई कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की वोटर अधिकार यात्रा सोम...

बहुगुणकारी नारियल हो सकता है पॉलिथीन का विकल्प...

विश्व नारियल दिवस हर साल 2 सितंबर को मनाया जाता है। नारियल दिवस की 2025 की थीम स्थायी भविष्य के लिए नारियल रखी गई है। इस दिवस का उद्देश्य लोगों को नारियल के महत्व और उपयोग के बारे में जागरूक करना और नारियल के उद्योग को कच्चे माल क...

चीन-भारत के मिठासभरे संबंधों से नयी विश्व संरचना संभव...

शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) शिखर बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच रविवार को हुई द्विपक्षीय बातचीत पर अगर दुनिया भर की नजरें टिकी थीं तो यह उद्देश्यपूर्ण एवं वजहपूर्ण...

प्रेम, भक्ति एवं शक्ति की अनंत ज्योति हैं राधाजी...

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी का दिन भारतीय संस्कृति में प्रेम, भक्ति, शक्ति और समर्पण का अनोखा पर्व लेकर आता है-यह है राधाष्टमी। इसे राधा रानी का जन्मोत्सव माना जाता है। यह केवल किसी भक्ति की शिखर नारी चरित्र के जन्मोत्सव का पर्व ...

तू तड़ाक पर उतरे राहुल गांधी का गुस्सा सिर चढ़कर बोला...

यह बात तो देशवासियों के समझ में आ रही है कि कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी के लिए बिहार विधान सभा के चुनाव करो या मरो वाले होंगे मगर गांधी के हालिया बयानों पर एक नज़र डाले तो पता चलेगा, उनका गुस्सा सातवें आसमान पर सिर चढ़कर बोलने...

भारत-जापान दोस्ती से नये वैश्विक संतुलन की कोशिश...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा केवल एक राजनयिक औपचारिकता नहीं, बल्कि इक्कीसवीं सदी की नई एशियाई शक्ति संरचना का संकेत है। यह यात्रा भारत और जापान के बीच ‘दोस्ती के नए दौर’ का आगाज है, जो वैश्विक व्यापार, सुरक्षा और रणनी...

आम आदमी से देश की अर्थव्यवस्था तक असर होगा 50 फीसदी अमेरिकी टैरिफ...

भारत और अमेरिका के रिश्तों को दुनिया हमेशा लोकतंत्र और ताक़त की साझेदारी मानती रही है, लेकिन मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगाने से इसमें खटास पड़ गई है। यह फैसला केवल आयात शुल्क का मामला नहीं है, ब...

विश्वगुरु बनने की नई इबारत लिखता भागवत का उद्बोधन...

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष पर दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित वार्षिक व्याख्यानमाला केवल एक उत्सव मात्र नहीं था, बल्कि यह आयोजन भारत की आत्मा और उसके भविष्य की एक गहन घोषणा थी। संघ सरचालक मोहन भागवत ने इन ...

बिहार में खानदानी राजनीति का चुनावी जलवा...

बिहार की चुनावी सियासत इन दिनों परिवार और परिवारवाद के इर्द-गिर्द घूम रही है। बिहार में तीन माह बाद विधानसभा के चुनाव होने जा रहे है। राजनीतिक पार्टियों में परिवारवाद पर सियासी संग्राम छिड़ गया है। एक दूसरे पर परिवारवादी होने के आर...

पर्युषण : धार्मिक साधना से सामाजिक समरसता तक...

पर्युषण पर्व आत्मा की पुकार, संयम की साधना और अहिंसा की ज्योति प्रज्वलित करने वाला पवित्र अवसर है। यह दिगंबर जैन परंपरा का वह महान उत्सव है, जो मन, वचन और कर्म की शुद्धि का संकल्प जगाता है। यह केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं...

स्पेस जंक: भविष्य के मिशनों पर मंडराता संकट !...

आज हर कहीं प्रदूषण का बोलबाला है और अब केवल धरती ही नहीं, बल्कि अंतरिक्ष भी प्रदूषण की चपेट में आ चुका है। इसे स्पेस डेब्रिस या अंतरिक्ष कचरा कहा जाता है। पाठकों को बताता चलूं कि जब उपग्रह (सैटेलाइट), रॉकेट, अंतरिक्ष यान आदि अपने ...

पंच देवताओं में अग्रगण्य हैं भगवान गणेशजी...

भारत त्योहारों का देश है। त्योहार देश की सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक बुनियाद को मजबूत बनाने और समाज को जोड़ने का काम करते हैं। त्योहार जीवन में खुशियां लेकर आते है। गणेश चतुर्थी का त्योहार हमारे देश में बड़े ही धूमधाम और पूजा पा...

भारत चाहता है यह युद्ध का नहीं, शांति का दौर बने...

दुनिया आज एक ऐसे दौर से गुजर रही है, जहां युद्ध और हिंसा ने सभ्यता की प्रगति को खतरे में डाल दिया है। रूस-यूक्रेन संघर्ष इसके ताजे उदाहरण के रूप में हमारे सामने है। इस युद्ध ने न केवल यूरोप की स्थिरता को हिलाकर रख दिया है, बल्कि प...

जीएसटी दरों में बदलाव : आत्मनिर्भर, सशक्त और न्यायपूर्ण व्यवस्था ...

सरकार द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से जीएसटी में बड़े बदलाव कर आम जनता को राहत देने की घोषणा की गई थी और अब इस क्रम में केंद्र सरकार को जीएसटी में 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत स्लैब को हटाने की राज्यों के मंत्रियों की...

ज़रूरी है जेल से सरकार पर संविधान का अंकुश...

इस बार सांसद का मानसून सत्र दो विशेष कारणों से याद रखने योग्य है। संसद अपने तयशुदा कार्यक्रम 120 घंटे की बजाए महज 37 घन्टे ही काम कर पाई। दूसरा, सत्र के अंतिम दिन पेश किए गए प्रस्तावित130 वें संविधान संशोधन की वज़ह से मचा बवाल। कें...

संसद का मानसून सत्र 204 करोड़ की बरबादी के साथ लोकतंत्र का तमाशा ब...

संसद का 21 जुलाई से शुरू हुआ मानसून सत्र बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर विपक्ष के जोरदार हंगामे और विरोध प्रदर्शनों की भेंट चढ़ गया। लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही सदनों में कामकाज बुरी तरह प्रभावित ह...

विकराल होते आनलाइन गेम पर नियंत्रण का कानून सराहनीय...

इंटरनेट के विस्तार ने आधुनिक दौर में जीवन को अनेक सुविधाएं दी हैं, लेकिन इसके साथ ही कुछ नए गंभीर संकट भी पैदा किए हैं। इनमें सबसे गंभीर संकटों में से एक है ऑनलाइन गेमिंग या कहें तो मनी गेमिंग की बढ़ती लत। यह सच है कि गेमिंग मनोरंज...

विधेयक पर हंगामा क्यों, जब मुद्दा है राजनीतिक शुचिता का...

गंभीर आपराधिक आरोपों में घिरे नेता चाहे वे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं मंत्री ही क्यों न हो, उनकी गिरफ्तारी या हिरासत के बाद एक निश्चित अवधि बीत जाने पर हटाने की व्यवस्था वाले विधेयक को जब केन्द्र सरकार ने लोकसभा में प्रस्तुत कि...

वैज्ञानिक आत्मनिर्भरता और तकनीकी क्षमता का प्रतीक ‘अग्नि-5 ...

20 अगस्त 2025 को भारत ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया है। वास्तव में यह भारत की एक बड़ी उपलब्धि है। कहना ग़लत नहीं होगा कि इस परीक्षण ने भारत की सामरिक क्षमता में वृद्धि और विश्वसनी...

वरिष्ठजन हैं अनुभव की विरासत एवं भविष्य की शक्ति...

अगस्त का महीना अनेक अंतर्राष्ट्रीय दिवसों की वजह से विशेष महत्व रखता है। युवा दिवस, मित्रता दिवस, हिरोशिमा दिवस, अंगदान दिवस, स्तनपान दिवस, आदिवासी दिवस, मच्छर दिवस, फोटोग्राफी दिवस, मानवीय दिवस आदि की तरह एक महत्वपूर्ण दिवस है-वि...

अपनी ही बिसात पर मात खा रहा है विपक्ष...

भारत का लोकतंत्र विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यह केवल संख्याओं और मतों का खेल नहीं है, बल्कि एक ऐसी जीवंत प्रक्रिया है जिसमें सत्ता और विपक्ष दोनों की समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सत्ता पक्ष जहां शासन संचालन और नीतियों...

संघ की तारीफ से हक्के बक्के हुए विरोधी...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की जमकर तारीफ करने से संघ विरोधी हक्के बक्के रह गए है। मौका था स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से मोदी के सम्बोधन का। ऐसा पहली बार हुआ जब मोदी ने आज़ादी के मुख्य समारोह में संघ क...

… ताकि किश्तवाड़ और धराली जैसी आपदाओं से बचा जा सके !...

दिन-ब-दिन प्रकृति मानव को अपना रौद्र रूप दिखा रही है। भूस्खलन हो, भू-धंसाव हो, बाढ़ हो(अतिवृष्टि), बादल फटना हो, अनावृष्टि हो(सूखा), भूकंप हो या सुनामी सब कहीं न कहीं, कोई माने या नहीं मानें, प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से मानवीय गति...

‘आत्म–निर्भर’, ‘उन्नत’, और ‘विकसित भारत’ का रोड मैप...

15 अगस्त को सभी देशवासियों ने आजादी की 78 वीं वर्षगांठ या यूं कहें कि 79 वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाया। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से...

श्रीकृष्ण हैं शाश्वत एवं प्रभावी सृष्टि संचालक...

भगवान श्रीकृष्ण भारतीय संस्कृति के ऐसे अद्वितीय महापुरुष हैं, जिनके व्यक्तित्व में आध्यात्मिक ऊँचाई, लोकनायकत्व, व्यावहारिक बुद्धिमत्ता और कुशल प्रबंधन का अद्भुत संगम दिखाई देता है। वे केवल एक धार्मिक देवता नहीं, बल्कि सृष्टि के म...

हवा-पानी की आज़ादी के बिना आज़ादी अधूरी...

देश एवं दुनिया के सामने स्वच्छ जल एवं बढ़ते प्रदूषण की समस्या गंभीर से गंभीरतर होती जा रही है। शुद्ध हवा एवं पीने के स्वच्छ जल की निरन्तर घटती मात्रा को लेकर बड़े खतरे खड़े हैं। धरती पर जीवन के लिये जल एवं हवा सबसे जरूरी वस्तु है, जल...

7 वर्ष की उम्र में स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई में कूदे थे क्रांति...

देश की आजादी में सिंधियों का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। विभाजन के बाद, सिंधी समुदाय ने न केवल अपनी पहचान बनाए रखी, बल्कि भारत के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सिंधी समुदाय के कई सदस्यों ने स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रूप ...

बंटवारे की राख से उठते नए भारत के सपने...

14 अगस्त 1947, एक तारीख जो स्वतंत्रता के उल्लास के साथ-साथ अकथनीय त्रासदी की गवाह बनी। यह दिन न केवल देश का, बल्कि दिलों, रिश्तों और इंसानियत का बंटवारा था। लाखों जिंदगियां एक पल में उजड़ गईं; हंसी-खुशी से भरे घर खामोश मलबे में तब...

बेजुबानों की रक्षा भी हमारी ही जिम्मेदारी है...

आवारा कुत्ते और आवारा पशु विशेषकर शहरों में आमजन के लिए एक बड़ी समस्या रहा है। हाल ही में इस क्रम में माननीय 11 अगस्त 2025 सोमवार को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के आतंक और रेबीज(कुत्ते के काटने से होने वाली बीमारी) से लो...