नाव पलटने से नहर में डूबे चारों युवकों के शव मिले, 100 मीटर की दूरी पर मिले चारों शव

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काेटा। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। कोटा की कोटड़ी नहर में नाव पलटने से डूबे चार युवकों के शव बुधवार सुबह करीब 18 घंटे की तलाश के बाद बरामद कर लिए गए। नहर में जिंदगी की तलाश के लिए रातभर बेचैन रहे परिजनों की उम्मीद आखिरकार टूट गई। घटनास्थल से करीब 100 मीटर आगे चारों युवकों के शव मिले। हादसे में सात लोग नहर में बह गए थे, जिनमें एक महिला, एक नाविक और एक अन्य व्यक्ति तैरकर बाहर निकल आए थे।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र मिश्रा ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान नाव पलटने से यह हादसा हुआ। बताया गया कि नहर में उसी दिन पानी छोड़ा गया था। पानी के तेज बहाव के बीच चार युवक लापता हो गए। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। देर रात तक तलाश चलती रही, लेकिन अंधेरा बढ़ने के कारण रात करीब 10:30 बजे अभियान रोकना पड़ा।

बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने दोबारा तलाश शुरू की। अभियान के दौरान सबसे पहले विकास वर्मा उर्फ सुमन (22) निवासी खेड़ा रसूलपुर (रामपुर) और सूरज सिंह (22) निवासी रोड नंबर-2 के शव बरामद किए गए। इसके बाद स्थानीय मछुआरों, नाविकों और गोताखोरों ने भी तलाश में सहयोग किया।

कुछ घंटे बाद यश जोशी उर्फ येशू (19) निवासी संजय नगर का शव मिला। इसके बाद राहुल जोशी (18) निवासी संजय नगर का शव भी बरामद कर लिया गया।

यश और राहुल चचेरे भाई थे। चारों युवकों के शव पोस्टमार्टम के लिए कोटा के एमबीएस अस्पताल भिजवाए गए, जहां परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की गई।

एसडीआरएफ की प्रभारी एकता हाड़ा के अनुसार घटनास्थल से करीब 100 मीटर आगे दो युवकों के शव सबसे पहले मिले। इसके बाद भी तलाश जारी रखी गई।

उन्होंने बताया कि बचाव अभियान में कुल छह नौकाएं लगाई गई थीं, जिनमें तीन एनडीआरएफ और तीन एसडीआरएफ की थीं। उम्मेदगंज तक तलाशी अभियान चलाया गया और स्थानीय स्तर पर मछली पकड़ने वाले नाविकों ने भी बचाव दल की मदद की।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र मिश्रा ने बताया कि मंगलवार रात करीब 10:30 बजे तक बचाव अभियान चलाया गया था। अंधेरा होने के कारण इसे रोकना पड़ा और बुधवार सुबह फिर से तलाश शुरू की गई। अभियान के दौरान एक-एक कर चारों लापता युवकों के शव बरामद कर लिए गए।

अतिरिक्त जिला कलेक्टर विकास मल्होत्रा ने चारों शव बरामद होने की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसे के बाद एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और नागरिक सुरक्षा की टीमें बचाव कार्य में जुटी थीं। बुधवार को स्थानीय गोताखोरों की मदद से भी अभियान चलाया गया।

हादसे में दीपक, महिला मान कंवर और नाविक सुरेश तैरकर बाहर निकलने में सफल रहे। चार युवकों के लापता होने की सूचना के बाद प्रशासन ने बड़े स्तर पर तलाश अभियान चलाया। घटना की जानकारी मिलने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भी मौके पर पहुंचे थे।

जिला कलेक्टर, सिटी एसपी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद रहे।

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुआ यह हादसा पूरे इलाके को गमगीन कर गया। मंगलवार शाम से बुधवार सुबह तक परिजन नहर किनारे अपनों के सुरक्षित मिलने की आस लगाए रहे, लेकिन एक-एक कर चारों युवकों के शव मिलने के साथ उनकी उम्मीदें टूट गईं।

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