भारत और मेक्सिको के बीच व्यापार समझौते की दिशा में बड़ा कदम, पीटीए वार्ता औपचारिक रूप से शुरू

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नई दिल्ली। भारत और मेक्सिको ने आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वरीयतापूर्ण व्यापार समझौते (प्रीफ्रेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट-पीटीए) के लिए औपचारिक रूप से वार्ता शुरू कर दी है। दोनों देशों ने इसके लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (टीओआर) पर हस्ताक्षर किए, जिससे व्यापार समझौते पर बातचीत का रास्ता साफ हो गया है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और मेक्सिको के विदेश व्यापार उपमंत्री लुइस रोसेन्डो गुटिरेज रोमानो ने संयुक्त रूप से इस वार्ता प्रक्रिया का शुभारंभ किया। वाणिज्य विभाग ने कहा कि दोनों देशों का साझा उद्देश्य व्यापार का विस्तार करना, निवेश को बढ़ावा देना, सप्लाई चेन को मजबूत बनाना और दोनों देशों के कारोबारों के लिए नए अवसर पैदा करना है। सरकार के अनुसार, भारत और मेक्सिको अब अपनी अप्रयुक्त आर्थिक संभावनाओं को वास्तविक कारोबारी अवसरों और समृद्धि में बदलने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। प्रस्तावित समझौते को संतुलित, महत्वाकांक्षी और दोनों पक्षों के लिए लाभकारी बनाने पर जोर दिया जाएगा।
प्रस्तावित भारत-मेक्सिको व्यापार समझौते से भारतीय निर्यातकों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जिसमें ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फुटवियर, प्लास्टिक, स्टील, रसायन और खिलौना उद्योग जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। वर्तमान में मेक्सिको की नई शुल्क व्यवस्था के तहत इन उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगता है, जिसे कम या समाप्त किए जाने की संभावना भारतीय कंपनियों के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकती है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का मेक्सिको को वस्तु निर्यात 5.73 अरब डॉलर रहा। इसमें ऑटोमोबाइल क्षेत्र का योगदान सबसे अधिक 1.92 अरब डॉलर का था, जो दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों की बढ़ती संभावनाओं को दर्शाता है।
दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर मेक्सिको सिटी पहुंचे राजेश अग्रवाल ने मेक्सिको के विदेश मंत्रालय के एशिया-प्रशांत मामलों के महानिदेशक फर्नांडो गोंजालेज सैफे के साथ भी बैठक की। इस दौरान दोनों पक्षों ने भारत-मेक्सिको संबंधों को मजबूत करने, आर्थिक सहयोग बढ़ाने और एक-दूसरे की विशेषज्ञताओं एवं उपलब्धियों से सीखने के अवसरों पर चर्चा की।
अग्रवाल ने कहा कि भारत और मेक्सिको की अर्थव्यवस्थाओं में कई पूरकताएं हैं। उन्होंने भारत की लगभग 7 प्रतिशत की मजबूत आर्थिक वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यापार, निवेश और कारोबारी साझेदारी के क्षेत्र में अभी भी अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित पीटीए दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के नए रास्ते खोलेगा, व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करेगा और प्रशांत क्षेत्र में साझा समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यात्रा के दौरान वाणिज्य सचिव ने भारतीय और मेक्सिकन उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत की। इस बैठक में व्यापार एवं निवेश से जुड़े अवसरों, चुनौतियों और भविष्य की साझेदारियों पर विचार-विमर्श किया गया।

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