पाकिस्तान द्वारा सीमावर्ती क्षेत्र के नागरिकों पर हमला करना कायराना हरकत : मदन राठौड़

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जयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने ऑपरेशन सिंदूर पर सेना की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी हमले का बदलता लेते हुए 26 बहनों के सिंदूर उजाड़ने वालों को समाप्त करने का काम किया है। ऐसे में हमारी सेना और हमारे शीर्ष नेतृत्व का भी सम्मान करना चाहिए। भारतीय सेना ने आतंकवाद के प्रशिक्षण केंद्र के साथ पाकिस्तान के एयरबेस को ध्वस्त करने का काम किया है। जबकि पाकिस्तान हमारे सीमावर्ती क्षेत्र के आम नागरिकों पर हमला कर रहा है। यह पाकिस्तान का कायराना हरकत है, हमारी आबादी को टारगेट करना निदंनीय काम है। हमारी सेना की सुरक्षा और उनके मनोबल बढ़ाने के लिए शुक्रवार को भाजपा कार्यकर्ता मंदिरों में प्रार्थना सभाएं भी करेंगे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर जारी है और आतंकियों को सबक सिखाने के लिए जारी रहेगा। भारत का लक्ष्य आतंकवाद और आतंकी प्रशिक्षण केंद्र है। आतंकवादियों द्वारा लगातार अप्रिय घटनाओं को अंजाम दे रहे है, आज पूरा देश इन घटनाओं की आलोचना कर रहा है। इनमें पाकिस्तान के आम नागरिक भी आतंकवाद की आलोचना कर रहे है। भारत कभी भी आम नागरिकों को परेशान नहीं किया जाता, जबकि पाकिस्तान हमारे सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों पर हमला कर रहा है, यह बहादुरी का काम नहीं है। बहादुरी का काम तो भारतीय सेना कर रही है जो आतंकवादियों के प्रशिक्षण को ध्वस्त कर रही है। हमारी सेना सीमा पर मुंह तोड़ जवाब दे रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भाजपा के गुजरात में हुए प्रशिक्षण के सवाल पर कहा कि भारतीय जनता पार्टी में प्रशिक्षण सतत प्रक्रिया है। पार्टी की रणनीति, क्षेत्र के काम, अनुशासन, योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर प्रदेश और देश की समृद्धी के लिए जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। सरकार की योजनाओं को पूर्ण करने के लिए पार्टी का सत्ता में रहना आवश्यक है और सत्ता में रहने के लिए पार्टी की ओर से समय समय पर दिया जा रहा गुरूमंत्र भी आवश्यक है। जनप्रतिनिधियों का रिपोर्ट कॉर्ड आज जनता के सामने है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बीएपी पार्टी के विधायक द्वारा रिश्वत लेते पकड़े जाने पर षड़यंत्र का आरोप लगाने पर कहा कि प्रश्न लगाकर उस प्रश्न को हटाने के लिए करोड़ों रूपए की रिश्वत मांगना और सौदा तय होने पर रिश्वत के रूपए लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने पर इस तरह के बयान देने उचित नहीं है। राजनीति में इससे ज्यादा गिरावट क्या हो सकती है कि जनप्रतिनिधि जनता की आवाज दबाने के लिए रिश्वत ले रहा है। ऐसे व्यक्ति को विधायक रहने तक का अधिकार नहीं है। विधायक ने रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने से पूर्व 1 लाख रूपए तो ले लिए थे, लालाच में आकर 20 लाख रूपए लेते हुए पकड़े गए। यह विधायक का चारित्रिक गिरावट है। राजनेता को जनहित के काम करने चाहिए, जनसेवक बनकर काम करना चाहिए। राठौड़ ने चाणक्य का कोट बताते हुए कहा कि जिसका राजा व्यापारी, उसकी प्रजा भिखारी। जहां सांसद, विधायक व्यापारी बन गए तो वहां प्रजा की प्रजा का भला नहीं सकता।

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