जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने चंडीगढ प्रवास के दौरान मंगलवार को लोक भवन पंजाब में राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने राज्यपाल कटारिया का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया तथा राजस्थान विधानसभा का स्मृति चिह्न भेंट कर अभिवादन किया। देवनानी ने राज्यपाल कटारिया को विधानसभा भवन के विभिन्न द्वारों के नामकरण की अवधारणा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विधानसभा के प्रमुख द्वारों को कर्तव्य द्वार, शक्ति द्वार, सुशासन द्वार, संकल्प द्वार एवं शौर्य द्वार नाम देकर लोकतंत्र के मूल आदर्शों और जनप्रतिनिधियों के दायित्वों को प्रतीकात्मक रूप से अभिव्यक्त किया गया है। उन्होंने कटारिया को बताया कि विधानसभा भवन के बाहरी द्वारों को राजस्थान के विभिन्न अंचलों बृज, शेखावाटी, वागड़, हाड़ौती, मारवाड़, मेवाड़, मेरवाड़ा एवं ढूंढाड़ के नाम समर्पित कर राज्य की सांस्कृतिक विविधता, लोक परंपराओं और क्षेत्रीय गौरव को लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया गया है। राज्यपाल कटारिया ने स्पीकर देवनानी की इस पहल को लोकतांत्रिक संस्थाओं को जनभावनाओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया तथा कहा कि ऐसे नवाचार लोकतंत्र के प्रति नागरिकों में आत्मीयता और गौरव का भाव विकसित करते हैं। भेंटवार्ता के दौरान दोनों जनप्रतिनिधियों के मध्य समसामयिक विषयों, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा जनसेवा से जुड़े विभिन्न विषयों पर आत्मीय चर्चा हुई। देवनानी ने राज्यपाल कटारिया के दीर्घ सार्वजनिक जीवन, प्रशासनिक अनुभव एवं समाज के प्रति उनके योगदान की सराहना की।

विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से की शिष्टाचार भेंट
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