जयपुर। शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता डॉ. समित शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि ग्रामीण राजस्थान एवं किसानों को समृद्ध बनाने में जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों एवं एम-पैक्स की सबसे अधिक महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिये आवश्यक है कि सभी सहकारी बैंक एवं एम-पैक्स मिलकर काम करें और राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार की मंशा के अनुसार योजनाओं का लाभ किसानों, पशुपालकों, महिलाओं, युवाओं तक पहुंचाने में अपना योगदान दें। शासन सचिवालय स्थित मंथन सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक, अधिशाषी अधिकारी सहित बैंक कार्मिकों एवं एम-पैक्स के व्यवस्थापकों को संबोधित करते हुये कहा कि कार्मिकों का कार्यस्थल पर समय पर उपस्थित होना और पूर्ण सदाशयता के साथ एवं बिना भेदभाव सेवायें देना आपका कर्तव्य है और उन्होंने आह्वान किया कि हमे मिलकर सहकारी योजनाओं की क्रियान्विति में प्रदेश को पूरे देश में प्रथम स्थान पर लाना है। जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों के द्वारा सहकार से समृद्धि के तहत किये जा रहे कार्य यथा-विश्व की सबसे बडी अन्न भण्डारण योजना के तहत गोदामों के प्रस्ताव से लेकर उनके निर्माण एवं उपयोग करने, पैक्स का कम्प्यूटराइजेशन और कम्प्यूटराइजेशन तकनीक के वास्तविक उपयोग, पैक्स के व्यवसाय के विविधिकरण करने, एम-पैक्स में नये सदस्य बनाने, उन्हें ऋण वितरण करने, आई4सी और सीजीटीएमएसई की सदस्यता, सहकारिता में सहकार योजना के तहत दुग्ध उत्पादक समितियों के सहकारी बैंकों में खाते खोलने, बैंक मित्र बनाने, माइक्रो एटीएम के माध्यम से डोर-स्टेप बैंकिंग की सुविधा देने सहित अन्य बैंकिंग एक्टिविटीज के ‘‘की परफोरमेंस इण्डीकेटर्स’’ के आधार रेकिंग का आकलन किया गया। इस आकलन में सीकर जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक ने सर्वाधिक 67.42 अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। बूंदी द्वितीय स्थान पर तथा जोधपुर जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक तृतीय स्थान पर रहा। डॉ. शर्मा ने बैठक में बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर एक समान मानकों के आधार पर पैक्स की परफोरमेंस की रेंकिंग देने के लिये भारत सरकार द्वारा के.पी.आई. निर्धारित की गई हैं। प्रदेश की एम-पैक्स का इन मानकों के आधार पर असेसमेंट करने के लिये प्रति माह पैक्स के कामकाज की रेंकिंग जारी की जायेगी। उन्होंने बताया कि पैक्स में उपलब्ध संसाधन, सदस्यों के प्रति उसकी पहुंच, वित्तीय स्थिति, ऋण वितरण, ऑडिट एवं उसकी अनुपालना, अकृषि गतिविधियों का संचालन तथा पैक्स कम्प्यूटराइजेशन आदि मानकों के आधार पर असेसमेंट किया गया है। इस माह किये गये असेसमेंट के आधार पर नीमोद ग्राम सेवा सहकारी समिति प्रदेश में 77.50 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पर रही है। जबकि बूंदी जिले की भीया ग्राम सेवा सहकारी समिति 76.50 अंक लेकर द्वितीय स्थान पर तथा घाट का बराना ग्राम सेवा सहकारी समिति 74 अंक लेकर तृतीय स्थान पर रही। उन्होंने कहा कि सभी एम-पैक्स का प्रत्येक माह रेकिंग जारी की जायेगी ताकि वे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा कर अपने सदस्यों को अधिक से अधिक सेवायें दे कर उनका उन्नयन कर सकें। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान सहकारिता के माध्यम से उन्नति की अपार संभावनायें एवं उसमें निहित शक्ति को चरितार्थ करने वाली शोर्ट फिल्म सहित सहकारिता के पथ पर अग्रसर होने को प्रेरित करने वाली भगवान पुरा ग्राम सेवा सहकारी समिति तथा नीमोद ग्राम सेवा सहकारी समिति की सफलता की कहानियों के वीडियो भी दिखाये गये। इस दौरान सहकार से समृद्धि, सहकारिता में सहकार, सहकारी योजनाओं और बैंकिंग प्रणाली से संबंधित 16 प्रश्नों की ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 5 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।

सभी सहकारी बैंक और एम-पैक्स को मिलकर काम करें, सहकारी योजनाओं की क्रियान्विति में पिछडना नहीं है- शासन सचिव, सहकारिता
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