लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को विधानसभा चुनाव को लेकर कई बड़े चुनावी वादे किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा और शिक्षामित्रों को शिक्षक के रूप में सम्मान देने के साथ उनकी स्थिति बेहतर की जाएगी। उन्होंने मदरसा शिक्षकों के बकाया वेतन के भुगतान और संस्कृत विद्यालयों की समस्याओं के समाधान का भी भरोसा दिया। लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर समाज को बांटने और शिक्षा व्यवस्था की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास लोगों को बांटने के अलावा कोई दूसरा काम नहीं है। मदरसों के साथ भेदभाव किया गया है। भाजपा को केवल समाज को तोड़ना आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने आधी-अधूरी नौकरियां और आधी-अधूरी शिक्षा देने का काम किया। सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार बनने पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। शिक्षामित्रों के संबंध में उन्होंने कहा कि उन्हें बेहतर बनाने के साथ शिक्षक के रूप में सम्मान देने का काम किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि शिक्षामित्रों की समस्या का समाधान होने से बंद पड़े स्कूलों को भी फिर से संचालित करने में मदद मिलेगी। अखिलेश यादव ने कहा कि 2027 में सपा की सरकार बनने पर कर्मचारियों की पुरानी पेंशन की मांग पर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग के साथ मंथन कर पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने मदरसा शिक्षकों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आधुनिक मदरसा शिक्षकों का लंबे समय से लंबित वेतन दिलाने का काम किया जाएगा। साथ ही संस्कृत विद्यालयों की समस्याओं का भी समाधान करने का उन्होंने आश्वासन दिया। अखिलेश यादव ने 2022 के विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान सपा समर्थकों के बड़ी संख्या में वोट काटे गए, जिसके कारण प्रदेश में सपा की सरकार नहीं बन सकी।
उन्होंने कहा कि 2017 में पार्टी इस तरह की गड़बड़ियों को समझ नहीं सकी थी और तब वह मानते थे कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम कर रहा होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियां लंबे समय से होती रही हैं, लेकिन अब इससे जुड़ी बातें सामने आ रही हैं। अखिलेश ने दावा किया कि भाजपा के लोगों ने गांव-गांव से वोट कटवाने के प्रयास किए और बड़ी संख्या में फॉर्म-7 भरकर भेजे गए। उन्होंने लखनऊ का उदाहरण देते हुए दावा किया कि एक व्यक्ति ने 100 से अधिक वोट कटवाने के लिए फॉर्म-7 भरवाए, जबकि एक व्यक्ति के लिए पांच लोगों के संबंध में ही ऐसा आवेदन करने का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनाव में गड़बड़ी के आरोपों के बीच चुनाव आयोग का बचाव कर रहे हैं तो इससे सवाल उठता है कि वह भी कथित घोटाले में शामिल हैं। सपा अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव में वोटों की कथित चोरी और बेईमानी का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। उनके मुताबिक, 2022 में सपा समर्थकों के बड़ी संख्या में वोट काटे गए और अब इस तरह की खबरें सार्वजनिक होने के बाद लोगों को चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जानकारी हो रही है। उन्होंने नोएडा में अभी भी फर्जी वोट बनाए जाने का आरोप लगाया।
अखिलेश यादव ने कहा कि वोट चोरी से जुड़ी खबरों का स्वत: संज्ञान लेते हुए अदालत को पश्चिम बंगाल और बिहार में दोबारा चुनाव कराने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराया और 2027 में उत्तर प्रदेश से भाजपा का सफाया कर दिया जाएगा। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वह पूंजीपतियों और बड़े कारोबारियों के हित में काम करती है।

अखिलेश यादव का चुनावी ऐलान : सत्ता में आए तो पुरानी पेंशन बहाल, शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने का वादा
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