निकाय चुनाव में पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप, गहलोत बोले- पंचायत चुनाव में भी जनता देगी जवाब

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जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर निकाय चुनावों में परिसीमन में अनियमितताओं और पुलिस प्रशासन पर दबाव डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस अधिकारियों ने खुद उन पर दबाव होने की बात कही है। गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय से रोजाना मॉनिटरिंग हो रही थी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एसपी और कलेक्टरों को बुलाकर निर्देश दिए थे।

गहलोत ने रविवार को जयपुर स्थित अपने सरकारी आवास पर मीडिया से बातचीत में कहा कि चुनाव में हार-जीत होती रहती है, लेकिन परिसीमन में कथित अनियमितताएं और पुलिस की भूमिका चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन में पूरे राजस्थान में गड़बड़ी की गई है। उनके अनुसार, कुछ वार्डों में 85 मतदाता हैं, जबकि कुछ में 250 और कुछ में पांच हजार से लेकर 20 हजार तक मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की असमानता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इस मामले में गलत बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि घनश्याम तिवाड़ी, राजेंद्र राठौड़ और अरुण चतुर्वेदी ने छह महीने तक ओटीएस में बैठकर परिसीमन का काम किया और वार्डों की संख्या में असमानता पैदा की।

गहलोत ने कहा कि आगामी पंचायत चुनावों के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संभाग, जिला और विधानसभा स्तर पर कमेटियां गठित कर पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। कांग्रेस पूरी मजबूती से चुनाव लड़ेगी। उन्होंने पंचायतों के परिसीमन में भी अनियमितताओं और बाड़ेबंदी को छूट देने का आरोप लगाया। गहलोत ने दावा किया कि सत्तारूढ़ पक्ष के पास धनबल का इस्तेमाल करने की क्षमता है, लेकिन जनता समय आने पर जवाब देगी।

जैसलमेर रवाना होने से पहले गहलोत ने प्रदेश में अकाल और सूखे की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों में सूखे की गंभीरता का अंदाजा नहीं है। उनके अनुसार, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर सहित कई क्षेत्रों में हालात चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में मुख्यमंत्री सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं, जबकि राजस्थान में इस दिशा में पर्याप्त सक्रियता दिखाई नहीं दे रही है।

गहलोत ने कहा कि जैसलमेर में हजारों गायों के मरने की सूचना मिली है और चारे की कीमत 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। उन्होंने पानी की कमी पर चिंता जताते हुए कहा कि बांधों में कम जलस्तर के कारण आगामी समय में पेयजल और सिंचाई का संकट गहरा सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार से जल्द गिरदावरी पूरी कराकर अकाल राहत कार्य शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को केंद्र से भी सहायता लेनी चाहिए। गहलोत ने अपने पूर्व कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से सहायता लेकर उन्होंने अकाल के दौरान ‘काम के बदले अनाज’ योजना शुरू की थी। उन्होंने राज्य सरकार से भी सूखे की स्थिति से निपटने के लिए गंभीरता से कदम उठाने का आग्रह किया।

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