जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर शहर में एक केमिकल गोदाम में हुए जोरदार धमाके से 14 फायरफाइटर्स घायल हो गए। यह घटना बुधवार शाम को शहर के बासनी औद्योगिक इलाके के गणेश नगर में स्थित एक केमिकल फैक्ट्री के गोदाम में लगी आग को बुझाते समय हुई। इस दौरान वहां रखा केमिकल का एक ड्रम अचानक फट गया, जिससे 13 फायर ब्रिगेड कर्मचारी घायल हो गए। घायलों में से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हादसा शहर के बासनी इलाके में स्थित केमिकल फैक्ट्री में हुआ। इस दौरान फैक्ट्री में लगी आग को बुझाने के दौरान वहां रखा एक केमिकल का टैंक फट गया, जिससे फायर ब्रिगेड के एक दर्जन से ज्यादा कर्मचारी झुलस गए।
घायलों को पहले एम्स, फिर बर्न यूनिट लाया गया
घटना के बाद प्रभावित कर्मचारियों को इलाज के लिए पहले एम्स अस्पताल लाया गया, फिर यहां से महात्मा गांधी अस्पताल स्थित बर्न यूनिट में शिफ्ट किया गया। धमाके में 8 कर्मचारियों के 50 प्रतिशत से ज्यादा झुलसने की बात भी सामने आ रही है।
प्रभावितों के इलाज के लिए अलग ICU बनाया गया
पुलिस कमिश्नर अंशुमान भोमिया ने हादसे की जानकारी देते हुए कहा, ‘आज बसनी पुलिस स्टेशन इलाके की एक केमिकल फैक्ट्री में आग लग गई थी। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के कर्मचारी आग बुझाने के लिए वहां गए थे, तभी केमिकल में धमाका हुआ, जिससे 13 लोग घायल हो गए। इनमें से आठ लोग 50% से ज्यादा जल गए हैं। यहां डॉक्टरों की ओर से सभी जरूरी मेडिकल सुविधाएं दी जा रही हैं और एक अलग ICU भी बनाया गया है।’
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने हादसे पर जताया दुख
उधर इस हादसे पर दुख जताते हुए राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘जोधपुर में एक केमिकल फैक्टरी में आग लगने की घटना बेहद चिंताजनक है। जानकारी मिली है कि आग पर काबू करने के प्रयास में फायर ब्रिगेड के 13 निडर कर्मचारी झुलस गए हैं। ईश्वर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’
कलेक्टर बोले- 13 से ज्यादा कर्मचारी झुलसे
जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने इस घटना को लेकर कहा, ‘नगर निगम कमिश्नर ने हमें बताया कि शाम को बसनी इंडस्ट्रियल एरिया की एक केमिकल फैक्ट्री में आग लग गई थी, जिसके बाद आग पर काबू पाने के लिए नगर निगम की टीमें और 10 फायर टेंडर वाहन मौके पर गए थे। जब वे आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे थे, तभी एक धमाका हुआ। जिसमें 13 से ज्यादा कर्मचारी झुलस गए। पहले हम उनको एम्स में ले गए थे, फिर यहां बर्न यूनिट में लाए हैं। आग से जुड़ी ऐसी घटनाओं में मरीजों की हालत में आम तौर पर धीरे-धीरे सुधार होता है। यहां लगातार मरीज लाए जा रहे हैं, उन्हें इलाज के लिए भर्ती किया जा रहा है।’



