ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चंडीगढ़ में आप का प्रदर्शन, मनीष सिसोदिया समेत कई नेता हिरासत में

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चंडीगढ़/नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (ईसीई) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पंजाब आप के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चंडीगढ़ स्थित राज्य चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। पुलिस ने आप नेता मनीष सिसोदिया, पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा, हरदीप सिंह मुंडियां और सैकड़ों अन्य नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। आम आदमी पार्टी के नेताओं का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला किया जा रहा है। पार्टी ने ज्ञानेश कुमार पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए और उनके पद पर बने रहने पर आपत्ति जताई। आम आदमी पार्टी नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि देश के युवा और मतदाता ज्ञानेश कुमार की वजह से खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। ज्ञानेश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहने पर देश के मतदाताओं के साथ धोखा किया है।
सिसोदिया ने कहा कि देश के युवा ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाने की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रदर्शन को रोकने के लिए केंद्र सरकार और कई राज्यों की सरकारों ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है।
उन्होंने कहा कि देश में ऐसा पहली बार हो रहा है जब कुछ युवाओं के विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए सरकार इतनी बड़ी ताकत के साथ सामने आई है। सिसोदिया ने चंडीगढ़ में हुए प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि आप ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे युवाओं के साथ हैं।
उधर, दिल्ली में आम आदमी पार्टी नेता गोपाल राय ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए देश में ‘ब्लैक इमरजेंसी’ लागू करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्र, युवा, विपक्षी दल और सामाजिक संगठन जंतर-मंतर पर एकत्र होकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार उन्हें बचाने में जुटी है।
गोपाल राय ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रतिबंधों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि मेट्रो सेवाएं और ट्रेनें क्यों बाधित की गईं तथा इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती क्यों की गई। उनके अनुसार, इन प्रतिबंधों के कारण आम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
उन्होंने दावा किया कि 2 अक्टूबर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों का आंदोलन जारी है। गोपाल राय ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने पर भी सवाल उठाए और कहा कि विरोध को रोकने के लिए की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए चिंता का विषय है।

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