मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ली कानून व्यवस्था को लेकर उच्चस्तरीय बैठक

ram

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज जैसे प्रमुख त्योहारों के मद्देनजर बाजारों, सार्वजनिक स्थलों एवं पर्यटन केन्द्रों पर आवाजाही बढ़ जाती है। त्योहारी सीजन में शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं फील्ड में उतरकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लें और सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करें।
पैदल गश्त, रात्रिकालीन पेट्रोलिंग और नाकाबंदी बढ़ाएं—
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कानून व्यवस्था को लेकर आयोजित बैठक में पुलिस अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन तथा अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पुलिस की नियमित मौजूदगी बनाए रखने के साथ ही पैदल गश्त, रात्रिकालीन पेट्रोलिंग और प्रभावी नाकाबंदी पर विशेष ध्यान दिया जाए।

‘नशा तस्करों के नेटवर्क को करें ध्वस्त’
मुख्यमंत्री ने नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान को निरंतर प्रभावी बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि त्योहारी सीजन में पुलिस की व्यस्तता का फायदा ड्रग माफिया उठा सकते हैं। ऐसे में नशा तस्करी और तस्करों पर विशेष निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने ड्रग माफिया एवं सक्रिय तस्करों को चिह्नित कर उनके नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार करने के निर्देश दिए।

दो कदम आगे रहकर सायबर अपराधियों पर कसें नकेल—
मुख्यमंत्री ने दीपावली के दौरान बढ़ने वाले सायबर अपराधों को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सायबर टीम को 24 घंटे सक्रिय रखा जाए तथा सायबर अपराधों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि दो कदम आगे रहकर सायबर अपराधियों की गतिविधियों एवं उनके नेटवर्क की जानकारी जुटाकर उन्हें चिह्नित किया जाए, ताकि समय रहते सायबर धोखाधड़ी की घटनाओं को रोका जा सके।

सोशल मीडिया पर रखें पैनी नजर—
उन्होंने कहा कि साम्प्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर विशेष सतर्कता बरती जाए। वहीं, सोशल मीडिया पर अफवाहों, भ्रामक सूचनाओं एवं भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों पर प्रभावी निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने पुलिस टीम को सोशल मीडिया विशेषज्ञों को साथ लेकर काम करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि दीपावली से पहले सीएलजी सदस्यों, सीएलजी यूथ और सुरक्षा सखियों के साथ बैठकें आयोजित की जाएं। उन्होंने किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना सामने आने पर तथ्यों की पुष्टि कर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

आईजी-एसपी अपराधों का करें निरंतर आकलन—
मुख्यमंत्री ने सभी पुलिस महानिरीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को अपराधों की निरंतर समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में अपराध की प्रकृति का विस्तृत आकलन किया जाए, ताकि अपराध बढ़ने के कारणों की पहचान कर उनकी रोकथाम के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जा सके। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी पुलिस नेतृत्व की है और आईजी एवं एसपी को इसके लिए पूरी जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।

विश्वास का दूसरा नाम कालिका पेट्रोलिंग यूनिट—
मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर से प्राप्त हो रहे महिलाओं के आभार पत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में संचालित कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स से सकारात्मक परिणाम और प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स से महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को घटित होने से पहले ही रोका जा रहा है। साथ ही, हमारी मातृ शक्ति में आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।

यातायात एवं पार्किंग की हो प्रभावी व्यवस्था—
मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के दौरान बाजारों में यातायात का दबाव बढ़ जाता है। इसे देखते हुए सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन और पार्किंग की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए। ताकि आमजन को आवागमन में परेशानी नहीं हो और आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ते सुगम बने रहें। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के साथ बैठक कर उनके सुझाव प्राप्त किए जाएं और बाजारों में सभी सीसीटीवी कैमरे चालू रखना सुनिश्चित किया जाए।

पटाखों की अवैध बिक्री रोकें, अग्निशमन व्यवस्थाएं हों पूर्ण—
उन्होंने कहा कि पटाखों की दुकानों पर सुरक्षा मानकों की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाए। अवैध रूप से पटाखों की बिक्री और भंडारण पर विशेष निगरानी रखी जाए। साथ ही, पटाखों की दुकानों वाले इलाकों में संभावित आगजनी की घटनाओं से बचाव के लिए अग्निशमन एवं आपातकालीन व्यवस्थाएं पूरी तरह मुस्तैद रखी जाएं।

राजस्थान से सुखद अनुभव लेकर लौटें पर्यटक—
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन सीजन के दौरान प्रमुख पर्यटन स्थलों पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटकों का आगमन होता है। इसे ध्यान में रखते हुए इन स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती एवं पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पर्यटकों की सुरक्षा के साथ उनकी सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जाए, ताकि उन्हें कोई परेशानी नहीं हो और वे राजस्थान से सुखद अनुभव लेकर लौटें। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) भास्कर ए. सावंत सहित सभी पुलिस महानिरीक्षक एवं जिलों के पुलिस अधीक्षक वीसी के जरिये जुड़े। वहीं, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) अखिल अरोड़ा सहित पुलिस विभाग के उच्च अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *