जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास को गति देने के प्रयासों के क्रम में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग सचिव श्री वी. उमाशंकर से मुलाकात की। परिवहन भवन में हुई बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा के उपायों और नई सड़क परियोजनाओं की स्वीकृति से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न प्रस्तावों को रखा। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग-248 पर दुर्घटना संभावित स्थानों का सुधार, राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर आमझर पुल की मरम्मत एवं पुनर्वास तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-58ई के कुंडाल-झाड़ोल खंड में भूस्खलन प्रभावित हिस्से की मरम्मत से जुड़े कार्य शामिल हैं। बैठक में राजस्थान की सात राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए लगभग 6,420 करोड़ रुपये की लंबित प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियों पर भी विचार-विमर्श हुआ। इनमें से लगभग 3,980 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाएं केंद्र द्वारा वर्ष 2026-27 की वार्षिक योजना के अंतर्गत स्वीकृति के लिए प्रस्तावित हैं। इनमें सीकर बायपास एवं लक्ष्मणगढ़-फतेहपुर खंड का चौड़ीकरण, सिरोही-रेवदर-मंडार सड़क, आमझर पुल तथा घाटोल-बांसवाड़ा-पाड़ी और कुंडाल-झाड़ोल से संबंधित कार्य शामिल हैं। मुख्य सचिव ने जयपुर उत्तरी रिंग रोड, जयपुर-जोधपुर एक्सप्रेसवे तथा अलवर-भरतपुर कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाने का प्रस्ताव भी रखा। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण, यातायात सुगमता और सड़क सुरक्षा से संबंधित प्रस्तावों पर केंद्र एवं राज्य के बीच समन्वय को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा और नई परियोजनाओं की स्वीकृति पर केंद्र से मुख्य सचिव की चर्चा
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