दो सत्रों में देश के 17 शैक्षणिक संस्थानों के 110 युवाओं का विधान सभा सदन में संवाद, युवाओं को शासन व्यवस्था में सक्रिय भागीदार बनाने का प्रस्ताव
जयपुर। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। इसकी वास्तविक शक्ति युवा में निहित है। लगभग 140 करोड़ जनसंख्या वाले देश में करीब 60 करोड़ युवा हैं। विशाल युवा शक्ति की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं और विचारों को नीति निर्माण में उचित प्रतिनिधित्व आवश्यक है। श्री देवनानी ने कहा कि युवा अब भविष्य के नागरिक ही नहीं, बल्कि वर्तमान के राष्ट्र निर्माता भी है।
विधान सभा अध्यक्ष ने मंगलवार को विधानसभा के सदन में किया सशक्त संवाद
समर्थ भविष्य विषय पर आयोजित युवा सेमिनार को सम्बोधित कर रहे थे। राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ की राजस्थान शाखा द्वारा आयोजित इस युवा संवाद का स्पीकर श्री देवनानी और संघ के सचिव श्री संदीप शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। श्री देवनानी की पहल पर विधान सभा सदन में आरम्भ हुए युवा संवाद का यह छठवां कार्यक्रम है।
प्राचीन वैभव और आधुनिक विकास में समन्वय – श्री देवनानी ने कहा कि भारत आज विश्व में निर्णायक भूमिका निभाने वाले राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। युवाओं की प्रतिभा, परिश्रम, नवाचार और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवा शक्ति की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवा देश के संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक परंपराओं और संसदीय व्यवस्थाओं का गहन अध्ययन करें तथा राष्ट्र के प्राचीन वैभव और आधुनिक विकास के बीच समन्वय में भूमिका निभाएं।
असहमति और संवाद के बीच संतुलन ही लोकतांत्रिक परिपक्वता
श्री देवनानी ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति स्वाभाविक है, लेकिन असहमति और संवाद के बीच संतुलन स्थापित करना ही लोकतांत्रिक परिपक्वता है। संवाद के माध्यम से सहमति के रास्ते तलाशना तथा मतभेदों का संवैधानिक और शांतिपूर्ण समाधान करना आवश्यक है। श्री देवनानी ने कहा कि अराजकता से कोई राष्ट्र आगे नहीं बढ़ सकता। नेपाल और श्रीलंका जैसे देशों के अनुभवों से भी यह समझने की आवश्यकता है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती, संवैधानिक व्यवस्था का सम्मान और शांतिपूर्ण वातावरण ही प्रगति का आधार बनते हैं। स्पीकर श्री देवनानी ने बताया कि सदन में डिजिटल व्यवस्था से विधायी कार्यों को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाया गया है। श्री देवनानी ने युवाओं से कहा कि किसी भी विषय पर विचार व्यक्त करने से पहले उसका गहन अध्ययन करें। आलोचना तभी सार्थक है, जब उसके साथ रचनात्मक सुझाव और सुधार का संकल्प जुड़ा हो। श्री देवनानी ने कहा कि पिछले लगभग 25 वर्षों से जनता ने उन्हें विधानसभा में प्रतिनिधित्व करने का अवसर दिया है। विधानसभा अध्यक्ष के रूप में उनका दायित्व सदन की मर्यादा, समयबद्ध कार्यवाही और संसदीय परंपराओं का पालन सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम में सीपीए सचिव श्री संदीप शर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन सपनों को संजोने, लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए परिश्रम करने का समय है। युवाओं को जीवन में बड़े सपने अवश्य देखने चाहिए, लेकिन उन्हें साकार करने के लिए समर्पण, ईमानदारी, निरंतर परिश्रम और सकारात्मक सोच आवश्यक है। श्री शर्मा ने कहा कि युवाओं के लिए विधान सभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने सदन के द्वार खोल दिये है। युवाओं के लिए यह बडा अवसर है।
दो सत्रों में युवा संवाद, युवाओं को शासन व्यवस्था में सक्रिय भागीदार बनाने का प्रस्ताव
राजस्थान विधान सभा के सदन में मंगलवार को दो सत्रों में विभिन्न राज्यों के 17 शैक्षणिक संस्थानों के लगभग 110 युवाओं ने संवाद में अपनी बात रखी। प्रथम सत्र में युवाओं के नेतृत्व वाले विरोध की जडों और तौर-तरीकों के लिए आर्थिक असुरक्षा, संस्थागत विफलताएं, संस्थागत दूरी, सामाजिक और लैंगिक असमानता और डिजिटल लामबन्दी को मूल कारण बताया। दूसरे सत्र में युवाओं ने सडकों से शासन नीति तक के लिए संस्थागत प्रतिक्रियाओं, लोकतांत्रिक लचीलेपन और युवाओं की भागीदारी पर समाधान सुझाते हुए पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक युवा सलाहकार परिषदे बनाई जाने, युवा प्रभाव मूल्यांकन कराये जाने, युवा शिकायत निवारण प्रणाली विकसित की जाने, भर्ती के लिए पारदर्शी कैलेण्डर और समयबद्ध परिणाम सुनिश्चित करने, सोशल मीडिया विनियमन युवा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करते हुए बनाये जाने, योग्यता, समानता तथा साझा राष्ट्रीय उद्देश्य पर आधारित एक युवा पहचान के लिए हरित रोजगार, बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं और लैगिंक समावेशी बाल संरक्षण को चौबीस महिनों में चरणबद्ध रूप से लागू किये जाने के लिए शुरूआत पायलट जिलों से करने और उसके बाद हर साल रिपोर्ट सार्वजनिक करने के साथ युवाओं को शासन व्यवस्था में सक्रिय भागीदार बनाने का प्रस्ताव सदन में रखा गया। राजस्थान विधान सभा के प्रमुख सचिव श्री भारत भूषण शर्मा की मौजूदगी में विश्वम के संस्थापक श्री विक्रान्त सिंह और बोर्ड सदस्य श्री अनुज आहूजा ने बताया कि ‘द आर्किटेक्चर ऑफ डिसेंट ग्लोबल डायनेमिक्स ऑफ यूथ-लेड मूवमेंट्स एंड इंस्टीट्यूशनल स्टेटक्राफ्ट’ विषय पर दो सत्रों में हुए संवाद में आईआईएचएमआर विश्वविद्यालय, जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, जेईसीआरसी फाउंडेशन, आईआईएस विश्वविद्यालय, महर्षि अरविन्द विश्वविद्यालय, आर.यू. फाइव ईयर लॉ कॉलेज, मणिपाल विश्वविद्यालय, एसएस जैन सुबोध पीजी कॉलेज, राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय, राजकीय महाविद्यालय जयपुर, निरमा विश्वविद्यालय, किरोड़ीमल कॉलेज दिल्ली, लेडी श्री राम कॉलेज दिल्ली, एमएलएसयू उदयपुर, एमएनआईटी जयपुर, रामजस कॉलेज दिल्ली, श्री वेंकटेश्वर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने युवा सोच, लोकतांत्रिक सहभागिता, नीति निर्माण में उनकी भूमिका तथा राष्ट्र के भविष्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार रखें।



