जयपुर। इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (आईएलबीएस), नई दिल्ली के निदेशक एवं चांसलर प्रो. (डॉ.) एस.के. सरीन ने कहा कि बेहतर जीवनशैली अपनाने और उपयुक्त खानपान के बारे में आमजन को जानकारी देना केवल सामान्य सलाह नहीं, बल्कि एक चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन की तरह महत्वपूर्ण है। लिवर संबंधी बीमारियों की समय पर पहचान के लिए फैटी लिवर एवं फाइब्रोसिस की जांच और आवश्यक परामर्श पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने संभावित मरीजों की पहचान के लिए एएलटी टेस्ट की आवश्यकता पर भी जोर दिया। डॉ. सरीन मंगलवार को मिशन लिवर स्माइल के तहत आयोजित ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, श्रीमती गायत्री राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. सरीन एवं उनकी विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के चिकित्सकों एवं अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। इसमें प्रदेश के 7000 से अधिक चिकित्सकों ने भाग लिया। मेडिकल कॉलेजों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक के चिकित्सा अधिकारियों को फैटी लिवर रोग की स्क्रीनिंग, जोखिम की पहचान, जांच एवं प्रबंधन की जानकारी दी गई।
लिवर स्क्रीनिंग में राजस्थान देश में अग्रणी
उन्होंने कहा कि मिशन लिवर स्माइल के प्रभावी क्रियान्वयन में राजस्थान ने देश में अग्रणी स्थान हासिल किया है। प्रदेश में अब तक 3.20 करोड़ से अधिक लोगों की लिवर संबंधी स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इस उपलब्धि के साथ राजस्थान देश में सर्वाधिक स्क्रीनिंग करने वाला राज्य बन गया है। मिशन के तहत प्रदेश में विकसित मॉडल को भी देश में अग्रणी मॉडल के रूप में पहचान मिली है। डॉ. सरीन ने मिशन लिवर स्माइल को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से लागू करने के लिए एएनएम, सीएचओ एवं आशा सहयोगिनियों को भी प्रशिक्षित करने पर जोर दिया। उन्होंने स्कूलों में लिवर जांच एवं परामर्श शिविर आयोजित करने और इस संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता बताई। साथ ही लिवर को स्वस्थ रखने के उपायों, बीमारियों के लक्षणों एवं बचाव से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवालों की प्रश्नावली तैयार कर उनके जवाब स्थानीय भाषाओं में भी प्रचारित करने का सुझाव दिया।
ग्रामीण स्वास्थ्य शिविरों में लिवर जांच एवं परामर्श पर रहेगा जोर
प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने कहा कि दिसंबर माह से आयोजित होने वाले ग्रामीण स्वास्थ्य शिविरों में मिशन लिवर स्माइल के तहत लिवर की जांच एवं परामर्श पर विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने स्कूलों में भी प्रशिक्षकों के माध्यम से स्वस्थ लिवर, बेहतर जीवनशैली, उपयुक्त खानपान एवं लिवर संबंधी बीमारियों के लक्षणों के बारे में छात्र-छात्राओं को जानकारी देने के लिए जागरूकता एवं संवेदीकरण सत्र आयोजित करने पर जोर दिया।
स्क्रीनिंग एवं जांच के तकनीकी पहलुओं पर दिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान आईएलबीएस के डॉ. बी.बी. रेवारी एवं डॉ. कनिका कौशल ने राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम के तहत फैटी लिवर रोग की स्क्रीनिंग एवं प्रबंधन संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। इसमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर से जिला अस्पताल तक स्क्रीनिंग एवं प्रबंधन की प्रक्रिया, जोखिम का आकलन, कमर की माप, एफआईबी-4 स्कोरिंग तथा एलएसएम एवं सीएपी पैरामीटर के माध्यम से लिवर की स्थिति का आकलन करने संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
चिकित्सा अधिकारियों की व्यापक भागीदारी
इस प्रशिक्षण में मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य, नियंत्रक एवं अस्पताल अधीक्षक, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, जोनल संयुक्त निदेशक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला एवं उप जिला अस्पतालों के पीएमओ, मिशन लिवर स्माइल के नोडल अधिकारी, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी तथा चिकित्सा अधिकारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रदेश में फैटी लिवर रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए आगे की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।
फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स का भी होगा प्रशिक्षण
मिशन के तहत 4 से 6 नवंबर तक एएनएम एवं सीएचओ के लिए भी ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इसमें समुदाय स्तर पर फैटी लिवर रोग के प्रति जागरूकता, जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान, जीवनशैली एवं खानपान संबंधी परामर्श, स्क्रीनिंग के लिए प्रेरित करने तथा जरूरतमंद लोगों को उचित स्वास्थ्य संस्थान तक रेफर करने की जानकारी दी जाएगी। इस प्रशिक्षण से फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स समुदाय में लिवर संबंधी बीमारियों की रोकथाम एवं समय पर पहचान में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंस में निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त निदेशक अस्पताल प्रशासन डॉ. नरोत्तम शर्मा, स्टेट नोडल अधिकारी एनसीडी डॉ. सुनील सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित रहे।



