जल संरक्षण केवल आवश्यकता नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी भी

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जयपुर। पर्यावरण संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित ‘BRICS Sustainable Lifestyle Week 2026’ के तीसरे दिन मंगलवार को राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB) में ‘Save Water – जल संरक्षण’ थीम पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य पर्यावरण अभियंता श्री प्रेमालाल थे। इस अवसर पर मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने जल संरक्षण की शपथ लेकर पानी के विवेकपूर्ण उपयोग तथा जल संसाधनों के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम में मुख्य पर्यावरण अभियंता श्री प्रेमालाल ने कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान मुख्य पर्यावरण अभियंता श्री विष्णु दत्त पुरोहित ने अपने संबोधन में कहा कि जल जीवन का आधार है और इसका संरक्षण वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से एक है। जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को पानी के महत्व को समझते हुए इसके जिम्मेदार एवं सीमित उपयोग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। दैनिक जीवन में पानी की बर्बादी रोकने और जल संरक्षण के छोटे-छोटे उपाय अपनाकर भी बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। इस अवसर पर श्री पुरोहित ने ‘Save Water’ विषय पर प्रकाश डालते हुए जल संरक्षण की आवश्यकता, उपलब्ध जल संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा भविष्य की जल सुरक्षा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जल की प्रत्येक बूंद का महत्व समझते हुए व्यक्तिगत एवं संस्थागत स्तर पर जल बचत के उपाय अपनाना समय की मांग है। इसी के साथ अतिरिक्त मुख्य पर्यावरण अभियंता श्री भुवनेश माथुर ने जल संरक्षण में राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 (Water (Prevention and Control of Pollution) Act, 1974) के प्रावधानों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जल प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण तथा जल की गुणवत्ता बनाए रखने में मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखने, अपशिष्ट जल के उचित उपचार तथा पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन के महत्व को रेखांकित किया। वहीं सीनियर एनवायरमेंटल इंजीनियर (SEE) श्री विजय शर्मा ने ‘Save Water’ विषय पर विस्तृत जानकारी देते हुए जल संरक्षण के विभिन्न व्यावहारिक उपायों, जल की बर्बादी रोकने, वर्षा जल संचयन, जल के पुनः उपयोग तथा दैनिक गतिविधियों में जल दक्षता अपनाने के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि घरों, कार्यालयों एवं औद्योगिक इकाइयों में जल के उपयोग को लेकर जागरूकता और जिम्मेदार व्यवहार अपनाकर जल संरक्षण के प्रयासों को प्रभावी बनाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मिशन LiFE के तहत जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। सभी ने पानी का अनावश्यक उपयोग नहीं करने, जल स्रोतों को स्वच्छ रखने, वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहित करने तथा जल संरक्षण संबंधी उपायों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मंडल के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जल संरक्षण एवं जल प्रदूषण की रोकथाम एक-दूसरे से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं तथा इनके लिए संस्थागत प्रयासों के साथ-साथ जनभागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि 1 से 7 नवंबर तक आयोजित ‘BRICS Sustainable Lifestyle Week 2026’ के अंतर्गत प्रत्येक दिन एक विशेष पर्यावरणीय विषय निर्धारित किया गया है। इस सप्ताह का उद्देश्य मिशन LiFE के अनुरूप पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को प्रोत्साहित करना, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा व्यक्तिगत व्यवहार में सकारात्मक बदलाव के माध्यम से सतत विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाना है।

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