जयपुर। आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने कहा कि प्रदेश में पंचायतराज चुनावों के तहत आदर्श आचार संहिता पालना एवं दीपावली पर्व के मद्देनजर अन्य राज्य की अवैध मदिरा की तस्करी, अवैध मदिरा निर्माण, विक्रय, परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए अंकुश जरूरी है। समस्त नेशनल हाईवे अवैध साईनेज व बोर्ड, होटल्स, ढाबों, समारोह स्थलों में अवैध मदिरा पर आबकारी निरोधक दल मुखबिर तंत्र की सहायता से प्रभावी कार्रवाई करना सुनिश्चित करे। आबकारी आयुक्त विडियों कांफ्रेंस के माध्यम से विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभागीय समीक्षा वीसी में विशेष निरोधात्मक अभियान, राजस्व, मुखबिर योजना, बीएफसी बैठक के लिए प्रस्ताव, बकाया वसूली पर विस्तृत समीक्षा कर निर्देश प्रदान किए।
हाईवे पर अवैध साईनेज, बोर्ड पर कार्रवाई करे
आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने वीसी में प्रदेश में एक से 7 नवम्बर तक जारी विशेष निरोधात्मक अभियान की अवधि में मदिरा दुकानों पर आबकारी एक्ट के नियमों की अवहेलना करने वाले मदिरा के अनाधिकृत विज्ञापन, अवैध प्रलोभन वाले साईनेज, अवैध होर्डिंग्स, बोर्ड पर प्रभावी कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे साथ ही समस्त नेशनल हाईवे पर भी अनाधिकृत, अवैध मदिरा के विज्ञापनों पर जीरो टॉलरेंस के तहत कार्रवाई कर अभियोग दर्ज करेंगे। उक्त कार्य में शिथिलता पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। वीसी में विशेष निरोधात्मक अभियान की जोनवार समीक्षा कर अन्य राज्य की मदिरा तस्करी, हथकड़ मदिरा, नकली शराब, बिना लाईसेंस मदिरा विक्रय पर ठोस कार्रवाई के निर्देश देते हुए प्रत्येक जोन में एक बड़ी कार्रवाई के तहत अवैध स्पिरिट, मदिरा ट्रक पर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। जिन जिलों में अभियान के दौरान प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी उन जिलों में 7 दिवस के लिए अवधि को बढ़ाया जाएगा।
राजस्व में अपेक्षित वृद्धि
वीसी में आयुक्त ने कहा कि अक्टूबर माह में राजस्व वृद्धि के तहत स्टेट ग्रोथ 24.30 रही जो कि संतोषजनक है लेकिन कई जिलों की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नही रही है जिनको नवम्बर माह में समीक्षा कर सक्रियता से सुधार करना चाहिए। प्रदेश में अक्टूबर माह में गत वर्ष की तुलना में जोधपुर जोन 29.93 प्रतिशत की राजस्व ग्रोथ दर्ज कर प्रथम रहा इसके बाद क्रमशः बीकानेर, अजमेर, उदयपुर, भरतपुर, जयपुर एवं कोटा रहे। इसी प्रकार 30 प्रतिशत से अधिक राजस्व ग्रोथ वाले जिले क्रमषः डूंगरपुर, नागौर, बीकानेर, झुंझुनूं, जोधपुर, बाड़मेर, दौसा, कोटपुतली-बहरोड़, सिरोही रहे। राजस्व ग्रोथ के तहत स्टेट औसत ग्रोथ से पिछडे़ जिले कोटा, बांसवाड़ा, जैसलमेर, बूंदी, जयपुर सिटी, प्रतापगढ़, जयपुर ग्रामीण, भरतपुर, अलवर, पाली, सीकर व हनुमानगढ़ को सर्कलवार नियमित समीक्षा कर अपेक्षित सुधार के लिए निर्देशित किया गया। वीसी में बकाया वसूली की समीक्षा करते हुए सर्कलवार लक्ष्य तय कर नियमित माॅनिटरिंग के लिए कहा गया। इसी क्रम में समस्त जिलों को सम्पत्ति एवं वाहन नीलामी से संबंधित ऑक्शन प्लान मुख्यालय भिजवाने के निर्देश दिए। बकाया वसूली के तहत जयपुर ग्रामीण द्वारा नीलामी द्वारा वसूली को सराहा गया। इसी क्रम में आगामी बीएफसी बैठक के लिए जिला कार्यालयों में मरम्मत व निर्माण के प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। अतिरिक्त आबकारी आयुक्त प्रदीप सिंह सांगावत ने जिलेवार लक्ष्य व प्रगति के संबंध में पीपीटी प्रजेन्टेशन द्वारा विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत की। इस अवसर पर वित्तिय सलाहकार सुनिता विजय, उपायुक्त ईपीएफ प्रद्युम्न सिंह चुण्डावत सहित प्रदेश के समस्त जोन के अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, उपायुक्त ईपीएफ, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक, प्रहराधिकारी मौजूद रहे।



