जयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस द्वारा वोट चोरी के आरोपों को लेकर किए जा रहे आंदोलन पर पलटवार करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र का सबसे बड़ा दुर्भाग्य और राजनीतिक विडंबना है कि वोट चोरी के आरोपों से घिरी कांग्रेस आज खुद वोट चोरी के खिलाफ आंदोलन करने का ढोंग कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोकतंत्र मॉडल में मतपत्रों की चोरी आती है, जिसका हाल ही में जोधपुर जिले की बिलाड़ा पंचायत समिति के भावी ग्राम पंचायत क्षेत्र में एनएसयूआई के नेता सुनील चौधरी पर मतपत्र चोरी कर मतदान केंद्र से बाहर ले जाकर अपने प्रत्याशी के पक्ष में मुहर लगाने का मामला सामने आया है। आरोपित चौधरी अशोक गहलोत का नजदीकी व्यक्ति है। लोकतंत्र की बार बार दुहाई देने वाले गहलोत जवाब दें, क्या ऐसा ही मॉडल वो पूरे देश में चाहते है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास ही लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के दुरुपयोग और जनादेश के अपमान से भरा पड़ा है। ऐसे में कांग्रेस नेताओं को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने अतीत और वर्तमान के कारनामों पर आत्ममंथन करना चाहिए। राठौड़ ने कहा कि गांधी परिवार से लेकर कांग्रेस के विभिन्न नेताओं पर समय-समय पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि भावी पंचायत का मामला चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। कांग्रेस को इस मामले में जवाबदेही तय करनी चाहिए, न कि वोट चोरी के नाम पर राजनीतिक नौटंकी करके जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाना चाहिए। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस आज लोकतंत्र की रक्षा का दावा कर रही है, लेकिन देश का इतिहास गवाह है कि इसी कांग्रेस ने संविधान के अनुच्छेद 356 का 93 बार इस्तेमाल कर राज्य सरकारों को बर्खास्त किया। यह लोकतांत्रिक जनादेश और संघीय व्यवस्था के सम्मान पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जिस पार्टी ने लंबे समय तक सत्ता में रहते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं का राजनीतिक इस्तेमाल किया, उसका आज लोकतंत्र का सबसे बड़ा हितैषी बनने का प्रयास जनता को भ्रमित करने वाला है। कांग्रेस के प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए राठौड़ ने कहा कि रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली और प्रदर्शन पूरी तरह फ्लॉप साबित हुआ। मंच से नेताओं के भाषण जारी थे, लेकिन सामने कुर्सियां खाली पड़ी थीं। यह दृश्य कांग्रेस के प्रति जनता की घटती रुचि और उसके राजनीतिक एजेंडे से लोगों की दूरी को दर्शाता है। जब जनता ही कांग्रेस के प्रदर्शन में भाग लेने नहीं पहुंची, तब पार्टी के नेताओं ने सोशल मीडिया पर तस्वीरों के जरिए भीड़ दिखाने का सहारा लिया। राठौड़ ने कहा कि राजस्थान के पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास द्वारा सोशल मीडिया पर प्रयागराज की भीड़ वाली तस्वीर साझा कर उसे कांग्रेस के प्रदर्शन से जोड़कर प्रस्तुत करने का प्रयास किया। यदि किसी दूसरे स्थान की तस्वीरों के जरिए अपने प्रदर्शन को सफल दिखाने की कोशिश की जाती है, तो इससे कांग्रेस की राजनीतिक हताशा ही उजागर होती है। तीन बार के सीएम रह चुके, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गहलोत को दिल्ली प्रदर्शन में साइड लाइन क्यों और किसके कहने पर किया गया। जनता सब देख रही है और आज सोशल मीडिया पर किए जाने वाले ऐसे प्रयासों से सच्चाई नहीं छिपाई जा सकती। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि आज सोशल मीडिया का जमाना है, जहां कोई भी जानकारी पलक झपकते ही लाखों लोगों तक पहुंच जाती है। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सटीकता, प्रमाणिकता और तथ्यों की सत्यता की परख की जाए। केवल राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से भ्रामक तस्वीरें और गलत जानकारियां प्रसारित करना जनता को गुमराह करने का प्रयास है। सोशल मीडिया का उपयोग जनजागरण और सही जानकारी पहुंचाने के लिए होना चाहिए, न कि झूठे प्रचार और भ्रम फैलाने के लिए। जनता भी जागरूक है और वह तथ्यों तथा वास्तविकता के आधार पर सच्चाई को समझने में सक्षम है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस को लोकतंत्र और चुनावी पारदर्शिता की चिंता है तो उसे सबसे पहले अपने नेताओं से जुड़े आरोपों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। केवल नारेबाजी, प्रदर्शन और भ्रामक तस्वीरों के सहारे जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता। लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष चुनाव, पारदर्शिता और राजनीतिक जवाबदेही आवश्यक हैं। कांग्रेस को दोहरे मापदंड छोड़कर वास्तविक मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। जनता अब आरोपों की राजनीति नहीं, बल्कि तथ्यों, पारदर्शिता और जवाबदेही की अपेक्षा करती है।

कांग्रेस के लोकतंत्र के मॉडल में मतपत्रों की चोरी, गहलोत दें जवाब:— मदन राठौड़
ram


