हुनर, हस्तशिल्प और खुशियों के रंगों से सजा राजीविका दिवाली मेला

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जयपुर। राजीविका दिवाली मेला-2026 में रौनक लगातार बढ़ रही है। मेले के छठे दिन भी बड़ी संख्या में पहुंचे आगंतुकों ने विभिन्न स्टॉल्स पर खरीदारी की और राजीविका से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के हुनर, मेहनत और रचनात्मकता से तैयार उत्पादों को सराहा। राजीविका दिवाली मेला-2026 का आयोजन 28 अक्टूबर से 4 नवंबर तक प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से रात्रि 9 बजे तक किया जा रहा है। मेले में आमजन के लिए प्रवेश निःशुल्क है। सजावटी सामान और हस्तनिर्मित उत्पाद की भारी रेंज मेले में हस्तनिर्मित हस्तशिल्प, आकर्षक सजावटी सामग्री, पारंपरिक कलात्मक वस्तुओं और विभिन्न घरेलू उपयोग के उत्पादों ने आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। दिवाली के त्योहार को खास बनाने के लिए लोगों ने अपनी पसंद के अनुसार सजावटी सामान और हस्तनिर्मित उत्पाद खरीदे। स्टॉल्स पर खरीदारों की चहल-पहल से मेले का माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा।

हस्तनिर्मित उत्पादों में दिखी राजस्थानी कला और रचनात्मकता की झलक
मेले में राजीविका दीदियों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प और सजावटी उत्पाद विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। पारंपरिक कला और आधुनिक पसंद के सुंदर समन्वय से तैयार इन उत्पादों ने आगंतुकों को खूब आकर्षित किया। महिलाओं के कौशल, मेहनत और नवाचार से तैयार उत्पादों की खरीदारी ने स्थानीय कला एवं हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने के साथ महिला उद्यमिता को भी नई पहचान दी।

खरीदारी के साथ महिला सशक्तीकरण को मिल रहा बढ़ावा
राजीविका दिवाली मेला केवल खरीदारी का मंच नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के हुनर को बाजार उपलब्ध कराने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण अवसर भी है। मेले के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन, विपणन और बिक्री का अवसर मिल रहा है। इससे महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ावा मिलने के साथ उनके स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी सकारात्मक पहल हो रही है। राजीविका दिवाली मेला-2026 में लगातार बढ़ती आगंतुकों की सहभागिता और उत्पादों के प्रति उत्साह ने मेले की रौनक को और बढ़ा दिया है। मेले में राजीविका दीदियों के हुनर और स्वदेशी उत्पादों को मिल रहा प्रोत्साहन महिला सशक्तीकरण एवं आत्मनिर्भरता के संकल्प को मजबूती प्रदान कर रहा है।

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