जयपुर में कांग्रेस का धरना जारी, डोटासरा का संतुलन बिगड़ा

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जयपुर। राजधानी जयपुर में पुलिस कमिश्नरेट के बाहर चल रहा कांग्रेस का धरना बुधवार सुबह भी जारी रहा। इसी दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का संतुलन बिगड़ने से वे गिर गए। कमरा नंबर 9 में प्रवेश करते समय उनकी चौखट से टक्कर हो गई, जिससे वे संभल नहीं पाए। मौके पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें सहारा देकर उठाया। हादसे में उनके पैर के पंजे में चोट आई है।

डोटासरा सोमवार शाम से कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस कमिश्नरेट परिसर में धरने पर बैठे हैं। कांग्रेस की मांग है कि एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला के साथ कथित मारपीट और अभद्रता के मामले में राजस्थान में जीरो एफआईआर दर्ज की जाए। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे राजस्थान की बेटी को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठा रहे हैं और पुलिस को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

रितु बराला ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता तीन दिन से कमिश्नरेट में मौजूद हैं। वरिष्ठ नेताओं ने सड़क पर सोकर दो रातें बिताई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का रवैया तानाशाहीपूर्ण है और लोकतंत्र में अपनी बात रखने वालों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। बराला ने कहा कि वे न्याय की मांग कर रहे हैं और जीरो एफआईआर दर्ज करना पांच मिनट का काम है।

वहीं, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी पुलिस प्रशासन पर असहयोग का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता नियमानुसार अपनी मांग रख रहे हैं, लेकिन अधिकारियों की ओर से बातचीत नहीं की जा रही। जूली ने आरोप लगाया कि कमिश्नरेट परिसर में शौचालयों पर ताले लगा दिए गए और नेताओं को पार्क में बैठने से भी रोका गया। उन्होंने कहा कि एक बेटी को न्याय दिलाने की मांग को दबाया नहीं जा सकता।

बुधवार सुबह पुलिस अधिकारियों ने कांग्रेस नेताओं को कमिश्नरेट के गार्डन में बैठने से रोक दिया। वहां बिछाए गए गद्दे भी हटवा दिए गए।

इस पर कांग्रेस नेताओं ने विरोध जताया और कुछ देर के लिए विवाद की स्थिति बन गई। बाद में बैठने के लिए दूसरी जगह बताए जाने पर मामला शांत हुआ।

धरने के दौरान डोटासरा ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के पाकिस्तान संबंधी बयान पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग राजस्थान की बेटी को न्याय दिलाने से जुड़ी है और इससे ध्यान भटकाने का प्रयास नहीं होना चाहिए। आडवाणी के पुराने प्रकरण का उल्लेख करते हुए डोटासरा ने मदन राठौड़ पर निशाना साधा और उनके इस्तीफे को लेकर तंज कसा।

कांग्रेस नेताओं ने पुलिस अधिकारियों के सामने सवाल उठाया कि इस मामले में राजस्थान में जीरो एफआईआर दर्ज की जा सकती है या नहीं। डोटासरा ने पुलिस से इस संबंध में लिखित जवाब देने की मांग की। उनका कहना है कि दिल्ली में दर्ज एफआईआर की विषयवस्तु अलग है, इसलिए राजस्थान में भी मामले को लेकर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

पुलिस कमिश्नरेट परिसर में कांग्रेस का धरना जारी है। कांग्रेस नेता अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।

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